

रतलाम (निलेश बाफना)। विश्व शांति हेतु 64 ऋद्धि विधान का महाअनुष्ठान आज पानी टंकी रोड स्थित जैन मंदिर में किया गया जैन समाज के 64 लोगों द्वारा एक- एक मंत्रित श्रीफल विधान मंडप पर अर्पित किया गया । इस विधान के सौधर्म इन्द्र निर्मल जैन बने मंगल कलश की स्थापना मीरा राज छाबड़ा ने की भगवान का अभिषेक हुवा सुबोध- आशा जैन ,नीलम जैन के द्वारा भक्ति संगीत पूजन विधान बड़े ही हर्षोल्लास के साथ कराया गया पूजन के पश्चात स्थानीय शहर में विराजमान परम पूज्य मुनि श्री 108 सुवेश सागर जी मुनि महाराज का जन्म महोत्सव लोगों ने बहुत भक्ति भाव के साथ मनाया मुनि श्री का पाद प्रक्षालन का सौभाग्य देवेंद्र जैन काला दुर्ग,विनीत जैन कोडरमा को प्राप्त हुआ समाज के सभी लोगों ने गुरु को शास्त्र भेंट किया जैसा कि मालूम हो कि जैन धर्म में जैन मुनि अपने साथ केवल तीन वस्तु कमंडल ,पीछी, ओर शास्त्र रखते है गुरु को जो भी भक्त यह तीनों वस्तु प्रदान करते हैं वह बहुत ही भाग्यशाली होते है इस अवसर पर परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रसम सागर जी सुयश सागरजी अरिजीत सागर जी प्रणव सागर जी महाराज ने कहा की 64 ऋद्धि के विधान करने से मनुष्य में पुण्य के योग से अनेक ऋद्धियाँ प्राप्त करने की क्षमता बन जाती है ओर अनंत आध्यात्मिक शक्तियों को भी प्राप्त किया जा सकता है इन शक्ति के द्वारा संसारी जीवो का उद्धार भी होता है लेकिन जैन मुनि ऋद्धियों का दुरुपयोग नहीं करेंते मुनिराज हमेशा आत्म कल्याण में लगे रहते हैं और भक्तों का कल्याण करते हैं।
मुनि श्री के प्रवचन के बाद सभी चारों तपस्वी जैन मुनि की आहार चर्या समाजसेवी राष्ट्रपति पदक पुरस्कार विजेता सुरेश झाझंरी के आवास पर हुई । जहां पर समाज की महिलाओं और पुरुषों ने बड़े ही भक्ति भाव और विनय पूर्वक मुनि को आहार कराया और खुशी मनाया धर्म प्रिय समाजसेवी सुरेश झाझंरी ने कहा कि मेरे परिवार का अहोभाग्य है कि आज मुनि श्री के चरण मेरे आवास पर पड़े हैं । जैन मुनि का आहार जिस घर में भी होता है उस परिवार के लोग अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली और पुण्य उदय मानते हैं। इस अवसर पर शांति धारा का सौभाग्य प्रदीप जैन,सुरेश झांझरी, कमल जैन,हनुमान जैन ,नरेंद जैन के परिवार को प्राप्त हुआ मौके पर जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार जैन अजमेरा और समाज के लोग मौजूद थे।