आशा आशा-सहयोगी कार्यकर्ताओं को निश्चित वेतनमान चाहिये

  • विभागीय कार्य के अलावा अतिरिक्त कार्य लिए जाने पर मानदेय दिया जाए
  • सरकार द्वारा मांगों का निराकरण नहीं होने पर प्रदेश भर में होंगे आंदोलन

रतलाम। आशा आशा सहयोगी कार्यकर्ता एकता यूनियन सीटू का जिला सम्मेलन शहरी आशा एवं ग्र्रामीण आशा कार्यकर्ताओं का सम्मेलन संयुक्त श्रम संगठनों की समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ। स्वागत उदबोधन सीटू अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने आशा कार्यकर्ताओं आशा सहयोगी की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए 9 जुलाई को देश व्यापी हड़ताल में भागीदारी का आह्वïान करते हुए हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। मुख्य अतिथि म.प्र. आशा आशा-सहयोगी एकता यूनियन सीटू प्रांतीय अध्यक्ष कविता सोलंकी ने आशाओं को संबंधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आशाओं आशा-सहयोगी कार्यकर्ताओं का शोषण कर रही है। विभाग की 53 तरह के कार्य करती है। जो कि त्रुटी पूर्ण व्यवस्था है। अन्य राज्यों में दस हजार मानदेय प्रतिमाह दिया जा रहा है। परंतु मध्यप्रदेश में नहीं दिया जा रहा है। तीन-तीन माह का मानदेय का भुगतान नहीं होता है। इसलिए सरकार आशाओं को सम्मान जिने के लिए एक निश्चित वेतनमान तय करें। शासन ने उपेक्षित आशा कार्यकर्ताओं की मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया जो आंदोलन के लिए आशाएं तैयार रहे। विशेष अतिथि जिला अध्यक्ष इंदौर रचना गेहलोत, जिला अध्यक्ष मंदसौर माधुरी सोलंकी ने सांगठनिक मुद्दों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मिनाक्षी गौड़ ने जिले की गतिविधियों व समस्याओं के बारे में अवगत कराया।
सम्मेलन में सचिव अनिता काकन्या, ललिता चौहान, गीता राठौर, मीरा साल्वी, आरती पारगी, कीर्ति कुमार शर्मा, रणजीतसिंह राठौर ने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर सर्व सम्मति से आशा आशा-सहयोगी एकता यूनियन रतलाम की जिला कमेटी का गठन किया गया जिसमें मीनाक्षी गौड़़ अध्यक्ष, अनिता काकन्या सचिव, आशा झालावाल उपाध्यक्ष, गायत्री शर्मा, ललिता चौहान, लीला अहिरवार, सुषमा शर्मा, अनिता टाटावत, कृष्णा चौहान, संध्या पाटीदार, प्रीति चौहान, रीना भïट्ट, सदस्य की जिला कार्यकारिणी प्रांतीय अध्यक्ष कविता सोलंकी द्वारा घोषित की गई। सभी का तुमुल ध्वनि से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन एम.एल. नगावत व आभार संगीता मईड़ा ने किया। कार्यक्रम का समापन जोरदार नारेबाजी के साथ किया।

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