स्वर्णिम भारत मंच ने कॉपी पेन देकर कराया बच्चों का मुंह मीठा ……


उज्जैन । स्कूल खुलते ही प्राइवेट स्कूलों में जाने के लिए बच्चों का रुझान ज्यादा होता है वहीं शासकीय स्कूल केवल खाना पूर्ति तक सीमित होते है ऐसा अभिभावक सोचते है इस कारण शुरुआत में शासकीय विद्यालय में बच्चे जाने में रुचि नहीं लेते है । संकुल प्राचार्य का एक ऐसा प्रयास किया जिसने बच्चों के मन में स्कूल आने के प्रति उम्मीद जगा दी । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में ग्रामीण क्षेत्र स्थित रातडिया गांव में शासकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए स्वर्णिम भारत मंच द्वारा संकुल प्राचार्य की प्रेरणा से कॉपी पेन और हलवे का वितरण कर स्कूल प्रवेश कराया। शासकीय प्राथमिक विद्यालय रातडिया की प्रभारी प्रधान अध्यापिका सुश्री अनामिका श्रीवास्तव ने अधिकृत जानकारी देते हुए बताया कि संकुल प्राचार्य अनिल कैन की प्रेरणा से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में घटिया तहसील अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय रातडिया में बच्चों का उत्साह वर्धन करने हेतु स्वर्णिम भारत मंच के माध्यम से समस्त बच्चों हेतु कॉपी पेन और हलवे का वितरण किया गया । संकुल प्राचार्य श्री अनिल कैन सर के अनुसार सरकारी स्कूलों में बच्चे शुरुआती दिनों में स्कूल आने में रुचि नहीं लेते है इसलिए हमारा प्रयास हे कि सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से बच्चों के बीच स्कूलों में गति विधि रखी जाए जिससे वह उत्साहीत होकर पढ़ने आए । पहली बार स्कूल में कोई पहुंची संस्था जिससे बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान….जब स्कूल में बच्चों के बीच स्वर्णिम भारत मंच की महिला टीम सामग्री लेकर वितरण करने पहुंची और उन्हें सामग्री दी तो बच्चे बेहद खुश हो गए । स्कूल की शिक्षिकाओं का कहना था कि इससे पहले कोई संस्था इस तरह सामग्री लेकर हमारे स्कूल में नहीं पहुंची। आज बच्चे बहुत खुश हुए यदि सब संस्था शासकीय स्कूलों में बच्चों का उत्साह बढ़ाने जाए तो सरकारी स्कूलों में भी रिजल्ट अच्छे आयेंगे । सामग्री वितरण करने में स्वर्णिम भारत मंच की ओर से श्रीमती रजनी कुलश्रेष्ठ,श्रीमती नेहा श्रीवास्तव, श्रीमती शशि श्रीवास्तव,पिंकी श्रीवास्तव,विजय शिंदे आदि उपस्थित रहे। इस पहल को आगे बढ़ाने में बीआरसी सुभाष सुनिया, जन शिक्षा केंद्र प्रभारी श्रीमती नीलिमा सोनी , श्रीमती वंदना ठाकुर मेडम , श्रीमती ऊषा शाक्य मेडम सहित स्कूल के कर्मचारियों का योगदान रहा ।