घर में धर्म का माहौल हो धन का नहीं – पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा.

रतलाम। धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा. आदि ठाणा – 9 काटजू नगर स्थित समता भवन में विराजित है। यहां मंगलवार को हुए व्याख्यान में पूज्य श्री अतिशयमुनिजी म.सा. ने कहा कि प्रभु के प्रति हमारी श्रद्धा कभी कमजोर नहीं होना चाहिए। हम अपने बच्चों को धर्म के मार्ग पर आगे लाए। हर घर में धर्म का माहौल होना चाहिए, धन का नहीं। धन से परिवार में बिखराव होता है। बच्चों के संस्कार बिगड़ते हैं। उन्होंने कहा कि संसार समस्याओं का भंडार है। आज के समय में तनाव, समस्या और परेशानी आपको ज्यादा है या साधु को ? लोग कहते हैं कि भगवान ने कठिन आराधना मार्ग बताया है, लेकिन यह मार्ग बहुत सरल है। सुख प्राप्ति के लिए इसी मार्ग पर चलना होगा। आप न चाहते हुए भी पाप करते हो। हमें पाप की प्रवृत्ति को त्यागना होगा। इसके लिए हमे पाप क्रिया के स्वरूप को समझना बहुत आवश्यक है। इसकी बहुलता से पुनवानी खत्म हो जाती है। हम स्वयं अवलोकन करें कि हम क्या कर रहे हैं। यदि 24 घंटे में से मात्र 2 घंटे भी आपने प्रभु की आराधना कर ली तो पापों का सफाया हो सकता है। दो घंटे की आराधना में इतनी शक्ति है कि वह जीव को संसार में रहने की इच्छा ही खत्म कर देती है। जिससे हमारा मोक्ष मार्ग प्रशस्त होता है।
रतनपुरी गौरव श्री सुहासमुनिजी म.सा. ने फ़रमाया कि – भगवान की वाणी को सुनने से श्रद्धा मजबूत होती है। यदि प्रभु के प्रति श्रद्धा मजबूत रहेगी तो मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होगा। सर्वज्ञ परमात्मा संसार के अनंत जीवो की अतीत -वर्तमान -भविष्य की समस्त पर्यायों को देखने में समर्थ हैं। जिस प्रकार से मेमोरी कार्ड को देखने से उसके अंदर की चीज नहीं दिखती, वैसे ही केवल ज्ञान प्राप्ति के बाद हम भी संसार के अनंत जीवों को देख सकते है। व्याख्यान के दौरान नवकार महामंत्र की महिमा से सभी को अवगत कराया और कहा कि धर्म के प्रति हमारी जितनी श्रद्धा बढ़ेगी, हम चारित्र के मार्ग पर उतना ही आगे बढ़ते जाएंगे।
धर्मसभा में पुण्य पुंज साध्वी श्री पुण्यशीलाजी म.सा. व साध्वी मंडल भी विराजित थे। सभा में अणु मित्र मंडल के उपाध्यक्ष परेश डोसी की बालिका परी डोसी ने 8 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए। वहीं सभा में कई श्रावक-श्राविकाओ ने विविध तप के प्रत्याख्यान ग्रहण किए।
धर्मसभा में बदनावर, थांदला आदि कई स्थानों के श्रावक- श्राविकाएं उपस्थित रहे। संचालन अणु मित्र मंडल के पूर्व सचिव सौरभ कोठारी ने किया। प्रभावना का लाभ भविष्य कुमार निलेश कुमार यश कुमार चतरमुथा निमेष कुमार सुशील कुमार जी चतरमुथा आष्टा वाले परिवार ने लिया। मुनिमंडल के व्याख्यान बुधवार को भी काटजू नगर समता भवन स्थानक पर प्रातः 9.15 बजे से 10.15 बजे तक होंगे।

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