मानव जन्म का मुख्य लक्ष्य तप साधना के द्वारा मोक्ष को प्राप्त करना – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

समदड़ी मजल । मानव जन्म पाने का मुख्य लक्ष्य तप साधना के द्वारा जन्म मरण का अंत करके मोक्ष को प्राप्त करना है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन स्थानक भवन पर धन सभा को संबोधित करते कहा कि वह विलासिता में जीवन को खोना पशु जीवन जीने के समान है ।
उन्होंने कहा इंद्रियों का क्षण मात्र सुख अनंत दुखों को निमंत्रण देने वाला है त्याग और साधनासुख शाश्वत है । मुनि कमलेश ने बताया कि साधना पढऩे वाली आत्मा का कल्याण तो होता ही है साथ ही जिस माटी पर जन्म लेते हैं कुल गांव पूरे देश को विश्व में आलोकित करते हैं । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि विश्व की संपूर्णसंपत्ति दान देकर भी सरकार और विज्ञान साधकों को तैयार नहीं कर सकती । जैन संत ने कहा कि वह पावन पवित्र आत्मा दुनिया से जाने के बाद भी आस्था का प्रतीक बनकर लाखों वर्षों तक जनता का मार्गदर्शन करती है गुरदेव रमेश मुनि जी की जन्म पावन माटी को मैं नमन करने आया हूं मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं की देन है । विधायक हमीर सिंह सरपंच लच्छीराम जी संपूर्ण ग्राम की जनता राष्ट्रसंत को अपने बीच पाकर अपने भाग्य के सराहना कर रहेआपने आपका नया इतिहास धरती पर रचा घनश्याम मुनि, गौतम मुनि, कौशल मुनि, अरिहंत मुनि, अक्षत मुनि, सभी ने गुरुदेव के जन्म स्थल का अवलोकन किया।