प्रकृति के प्रत्येक प्राणी का पर्यावरण संतुलन में ऑक्सीजन से भी महत्वपूर्ण योगदान है-राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

समदड़ी मजल । पर्यावरण कानून में हरे वृक्ष की डाली तोडऩा दंडनीय अपराध है तो फिर किसी भी प्राणी पर खंजर चला कर मौत के घाट उतारना कहां तक उचित है। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने जैन दिवाकर गुरु रमेश गौााला उद्घाटन समारोह को संबोधित करते कहा कि किसी भी जीव की हत्या करना पर्यावरण कानून का कत्ल करने के समान है अपराध है । उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रत्येक प्राणी का पर्यावरण संतुलन में ऑक्सीजन से भी महत्वपूर्ण योगदान है उनकी रक्षा में ही हमारी रक्षा है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि विश्व की संपूर्ण संपत्ति दान देकर सरकार और विज्ञान भी प्रकृति का विकल्प नहीं दे सकते हैं । मुनि कमलेश ने बताया कि प्रकृति की रक्षा करना परमात्मा की रक्षा करने के समान है एक गांव में 5 मंदिर हो सकते तो एक गौशाला क्यों नहीं गांव-गांव गौशाला मीशन जब तक पूरा नहीं होगा हम चैन से नहीं बैठेंगे ।
क्षेत्रीय विधायक श्री हमीर सिंह जी कहा कि गाय हमारी संस्कृति का प्राण आर्थिकता का आधार आस्था की धुरी और पर्यावरण का संबल है गांव-गांव गौशाला काराष्ट्रसंत सपना हम सब मिलकर पूरा करने का प्रयास करेंगे गौशाला हेतु विधायक फंड से 11 लाख रुपए देने का आश्वासन दिया दानदाताओं ने 25 लाख की घोषणा की सरपंच श्री लच्छीराम जी पटेल ने समारोह की अध्यक्षता की मदन लाल जी भील पारसमल जैन शांतिलाल जी सांखला शांतिलाल जी सालेचा वकील जबर सिंह जी सुंदर देवी आदि ने विधायक का सम्मान किया सभा को संबोधित किया ।