सुभाषनगर स्थानक में महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में गुरू पूर्णिमा पर छाया भक्ति का रंग

भीलवाड़ा 10 जुलाई (निलेश कांठेड़)। अनुष्ठान आराधिका ज्योतिष चन्द्रिका महासाध्वी डॉ. कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में गुरू पूर्णिमा पर गुरू भक्ति के साथ तीर्थंकर परमात्मा की भक्ति का रंग जमा तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक उर्जा से परिपूर्ण हो गया। आध्यात्मिक चातुर्मास आयोजन समिति द्वारा सुभाषनगर श्रीसंघ के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मास में चातुर्मास स्थापना के पहले ही दिन हर गुरूवार को होने वाले अनुष्ठान आराधना का आगाज हो गया। पहले अनुष्ठान में महासाध्वी मण्डल ने श्री पैसठिया छंद का जाप कराते हुए 24 तीर्थंकर भगवान की स्तुति की तो पूरा स्थानक परिसर एवं आसपास का वातावरण असीम पावन आध्यात्मिक उर्जा से भरपुर हो गया। अनुष्ठान के शुरू में श्री व्रज पंज्जर स्तोत्र की आराधना की गई। गुरू पूर्णिमा के प्रसंग पर पूज्य गुरूदेव जैन दिवाकर चौथमलजी म.सा. एवं गुरूणी मैया महासाध्वी कमलावतीजी म.सा. आदि संत भगवंतों का स्मरण करते हुए महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. ने कहा कि गुरू ही हमे भगवान के दर्शन कराता है। गुरू के ऋण से इस जीवन में कभी मुक्त नहीं हो सकते। गुरू ने ही कंकर से शंकर बना दिया। योग्य शिष्य मिलने पर गुरू का गौरव बढ़ता है। हर व्यक्ति के दिल में कोई न कोई गुरू बसा होता है। उस गुरू के प्रति हमारे मन में श्रद्धा व भक्ति के भाव होने चाहिए। स्वर साम्राज्ञी महासाध्वी महाप्रज्ञाजी म.सा. ने गुरू भक्ति के भावों से ओतप्रोत भजनों की मधुर वाणी में ऐसी प्रस्तुति दी की सब गुरू भक्ति की रसधारा में डूब गए। वास्तुशिल्पी साध्वी पद्मकीर्तिजी म.सा. एवं विद्याभिलाषी साध्वी राजकीर्तिजी म.सा. आदि ठाणा का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। महासाध्वी मण्डल ने कहा कि अनुष्ठान की उर्जा से साधक उर्जावान व बलवान बने ओर सबके जीवन में आरोग्यता व सुख शांति बनी रहे ऐसी कामना करते है। अनुष्ठान के शुरू में अतिथियों एवं चातुर्मास समिति एवं सुभाषनगर श्रीसंघ के पदाधिकारियों द्वारा नवकार मंत्र चौकी की विधिपूर्वक स्थापना की गई। अनुष्ठान में शामिल होने के लिए भीलवाड़ा ही नहीं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से श्रावक-श्राविकाएं उमड़े। प्रवचन हॉल खचाखच भर जाने पर बाहरी परिसर में भी एलईडी स्क्रीन लगा श्रावकों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई। अतिथियों का स्वागत चातुर्मास समिति के अध्यक्ष दौलतमल भड़कत्या, सचिव राजेन्द्र सुराना, सुभाषनगर श्रीसंघ के अध्यक्ष हेमन्त कोठारी,मदनलाल सिपानी, निर्मला भड़कत्या,मनोहरलाल छाजेड़, नितिन बापना आदि ने किया। संचालन चातुर्मास समिति के सचिव राजेन्द्र सुराना ने किया। चातुर्मासिक प्रथम अनुष्ठान में भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों सहित मुंबई,मैसूर,बेंगलौर,चित्तौड़गढ़,बिजयनगर,गुलाबपुरा सहित कई स्थानों से आए श्रावक-श्राविकाएं सहभागी बने। चातुर्मासिक प्रथम अनुष्ठान के लाभार्थी सरोजजी सुभाषजी सुराना परिवार इन्दौर एवं निर्मलाजी सुदर्शनजी बुलिया परिवार भीलवाड़ा रहा। गुरू पूर्णिमा के पावन प्रसंग पर गौतम प्रसादी का लाभ रोशनलाल दलेलसिंह महावीरसिंह विमलजी डांगी परिवार ने लिया। नियमित चातुर्मासिक प्रवचन सुबह 8.45 से 10 बजे तक होंगे।
चातुर्मास में हर शुक्रवार होने वाली पद्मावती एकासन आराधना कल से
पूज्य महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा 4 के सानिध्य में हर शुक्रवार को प्रवचन के बाद सुबह 11 बजे पद्मावती एकासन आराधना विधि होगी। चातुर्मासिक पहली पद्मावती एकासन आरधना को लेकर उत्साह का माहौल है। इसमें श्रावक श्राविका कोई भी शामिल हो सकते है। इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में पंजीयन कराए गए है। हर शनिवार को प्रवचन के बाद प्रश्नमंच एवं हर रविवार को ही दोपहर 2 बजे से बच्चों के लिए संस्कार शिविर का आयोजन होगा। चातुर्मास के दैनिक कार्यक्रमों के तहत सुबह 6.30 बजे से प्रार्थना, सुबह 8.45 बजे से प्रवचन, दोपहर 2.30 से 4 बजे तक धर्मचर्चा एवं नित्य प्रतिक्रमण सूर्यास्त के बाद होगा।