गुरु पूर्णिमा पर्व एवं स्व. सुशीला बाई श्रीवास्तव की स्मृति में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों का सम्मान किया गया

जावरा (अभय सुराणा) । भारतीय संस्कृति में गुरु सदैव पूजनीय रहा है। गुरु के प्रति आदर श्रद्धा भाव प्रत्येक व्यक्ति के मन में रहता है।गुरुकुल परंपरा हमारी संस्कृति का आधार है। हमें गुरु को प्रति समर्पण के भाव से रहना चाहिए।उक्त विचार श्री माधवानन्द एकेडमी पर आयोजित गुरु पूर्णिमा पर्व एवं स्व. सुशीला बाई श्रीवास्तव की स्मृति में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के सम्मान के अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि दशरथ कसानिया एवं समाज सेवी कैलाशचंद जी श्रीवास्तव ने व्यक्त किये। कैलाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहन आवश्यक है।आपने अपनी पत्नी स्व.सुशीला बाई की स्मृति में कक्षा आठवीं, दसवीं तथा कक्षा 12वीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त छात्र-छात्राओं को 1111 रुपए एवं सम्मान पत्र से सम्मानित किया। साथ ही संस्था द्वारा लैपटॉप राशि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में स्वामी श्री श्री 1008 स्वामी गुरमुखानन्द जी महाराज के चित्र पर पूजन अर्चन किया। अतिथि कैलाश चंद्र श्रीवास्तव पार्षद प्रतिनिधि दसरथ कसानिया का स्वागत संस्था व्यवस्थापक राजेंद्र श्रोत्रिय ने किया।संचालन ज्योति सोनी ने एवं आभार प्राचार्य मनीष शर्मा ने माना।