पूज्य चालीहा महोत्सव 2025 : 16 जुलाई से 25 अगस्त होगा आयोजित

रतलाम । भगवान झूलेलाल देव के 26 वें वंशज सूर्यवंशी 1008 परम पूज्य ठाकुर श्री सांई मनीषलाल साहिब जी (सांई भरूचवारा) के सानिध्य में 40 दिवसीय पूज्य चालीहा महोत्सव का शुभारम्भ 16 जुलाई से प्रारम्भ होने जा रहा है ।
भगवान श्री झूलेलाल जी का पूज्य चालिहा महोत्सव 16 जुलाई 2025 बुधवार को सिंधी समाज के सिंधु सेना श्री लाल सांई चालिहा महोत्सव समिति के तत्वाधान में 10 वे वर्ष में भी 40 दिवसीय महोत्सव श्री कालिका माता मंदिर परिसर स्थित श्री झूलेलाल मंदिर पर हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा। श्री झूलेलाल मंदिर परिसर में श्री लाल सांई सेवा समिति एवं सिंधु सेना द्वारा बैठक संरक्षक राजाराम मोतियानी, मुरली आवतानी, राम लालचंदानी, चन्द्र प्रकाश आवतानी, हाशु कल्याणी, अशोक हेमनानी, श्री मुरली फुलवानी आदि की उपस्थिति में बैठक का आयोजन किया गया । बैठक में 16 जुलाई से 25 अगस्त 2025 तक श्री कालिका माता मंदिर परिसर में स्थित श्री झूलेलाल मंदिर पर 40 दिवसीय महोत्सव मनाने के सम्बंध में कार्य योजना के बारे में विस्तृत चर्चा की गई । बैठक में चालिहा महोत्सव धूमधाम से भव्य एवं श्रद्धा के साथ मनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
रमेश चोइथानी ने बताया कि भगवान झूलेलाल जी का पूज्य चालिहा साहिब महोत्सव सिंधी समाज का सबसे बड़ा त्यौहार है । सैकड़ों वर्ष पूर्व धर्म की रक्षा के लिए सिंधी समाज के श्रद्धालुओं ने सिंध नदी के किनारे लगातार चालीस दिन तक भूखे प्यासे रहकर तपस्या की थी जब नदी में मछली पर भगवान झूलेलाल जी अवतरित हुए तब भविष्यवाणी हुई थी कि मैं धर्म की रक्षा के लिए अवतार लूंगा । जब से आज तक पूरे भारत वर्ष में सावन माह में चालीहा पर्व 40 दिन तक उपवास कर भगवान झुलेलाल की आराधना कर मनाया जाता है। इस पर्व में चालीस दिन तक रोज पुज्य बहिराणा साहेब बनाया जाता है । बहिराणा साहेब के अन्तर्गत एक ज्योत तथा एक मोदक बनाया जाता है वह सभी प्रकार के अनाज के बनता है । इसमें ड्रायफुट, इलायची, लौंग एवं सुंगधित फुलों से श्रृंगार किया जाता है । आरती, अरदास के पश्चात वह जल में प्रवाहित किया जाता है।
आपने बताया कि हरियाली अमावस्या, चंद्र दर्शन, चैटी चण्ड, 15 अगस्त, जन्माष्टमी जैसे सभी पर्व के साथ ही इस अवसर पर छप्पन भोग भी लगाया जाता है, इस मौके पर फागुन उत्सव एवं गरबारास का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह पर्व का आयोजन सम्पूर्ण सिंधी के सहयोग समाज बंधुओं के साथ मनाया जाएगा । इस अवसर पर सूर्यवंशी 1008 परम पूज्य ठाकुर श्री सांई मनीषलाल साहिब जी (सांई भरूचवारा) के सानिध्य में भगवान झूलेलालजी के पवित्र ग्रंथ श्री अमर कथा का वितरण भी किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित गणमान्य जनों एवं सिंधु सेना तथा पूज्य चालिहा महोत्सव समिति आदि द्वारा समाज बंधुओं से आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की।