नेत्रदान से मिली दो लोगों को नई दृष्टि – पुखराजमल चोपड़ा बने प्रेरणास्त्रोत

रतलाम । ओझा खाली निवासी स्व. मीरुलालचोपड़ा के सुपुत्र, समाजसेवा में सक्रिय शुश्रावक पुखराजमल चोपड़ा के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके नेत्रदान द्वारा दो जरूरतमंद व्यक्तियों को नई रोशनी प्राप्त हुई है। यह कार्य समाज में मानव सेवा, नेत्रदान जागरूकता और त्याग की भावना का सजीव उदाहरण बन गया है।
नेत्रम संस्था के सक्रिय सदस्य हेमन्त मूणत ने बताया कि समाजसेवी राजेश ज्ञानचंद सुराणा और एडवोकेट सौरभ गेलड़ा के मार्गदर्शन में पुखराजमल चोपड़ा के पुत्र राहुल चोपड़ा एवं परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया गया। परिजनों की सहमति मिलते ही नेत्रम संस्था ने बड़नगर स्थित गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को सूचित किया।
सूचना प्राप्त होते ही डॉ. ददरवाल अपनी टीम के मनीष तलाच व मोहनलाल राठौड़ के साथ त्वरित रूप से रतलाम पहुँचे और पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ नेत्रदान की प्रक्रिया को पूर्ण किया।
इस पुण्य कार्य के समय अनेक स्नेहीजन एवं समाजजन जिनमें लोकेश चोपड़ा, हेमन्त मूणत, नवनीत मेहता, शलभ अग्रवाल, सुशील मीनु माथुर, भगवान ढलवानी, गिरधारीलाल वर्धानी, शैलेन्द्र अग्रवाल, रविन्द्र यादव उपिस्थत रहे
नेत्रम संस्था ने चोपड़ा परिवार का हार्दिक आभार प्रकट किया और इस मानवीय कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बताया। संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि वे नेत्रदान जैसे महादान में भागीदारी कर किसी के जीवन में उजाला लाने का संकल्प लें।
“आपकी एक पहल किसी के जीवन में रोशनी बन सकती है – आइए, नेत्रदान करें।”