- मुंशी प्रेमचंद जयंती पर कायस्थ समाज ने किया प्रतिभाओं का सम्मान
- 75 प्रतिशत से ऊपर वाले 75 बच्चे हुए सम्मानित


उज्जैन । महान साहित्यकार मुंशी प्रेम चंद हिंदी साहित्य की आत्मा है उनके द्वारा लिखे गए कहानी उपन्यास समाज सुधार का जरिया होता था । मुंशी प्रेमचंद केवल एक लेखक नहीं थे वह साहित्यकारों के आत्मसम्मान के रक्षक भी थे । मुंशी जी ने गोदान , पंच-परमेश्वर , भूदान आदि रचनाओं के माध्यम से शोषित वंचित लोगों का प्रतिनिधित्व भी किया था । कायस्थ गौरव मुंशी प्रेम चंद की आज जयंती पर कायस्थ समाज ने प्रतिभावान बच्चों को सम्मान दिया है इसके लिए मैं आयोजकों को बहुत बहुत साधुवाद देती हूं जिन्होंने मुंशी प्रेमचंद जी को अमर कर दिया है ।वास्तव में देखा जाए तो हमारी आने वाली पीढ़ी को समाज धरोहर रूपी महर्षियों के बारे में जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है । यदि हम हमारे बच्चों को महापुरुषों के सिद्धांत आदर्श को नहीं बताएंगे तो वह उनके मार्गो पर कैसे चलेंगे यह बात अखिल भारतीय कायस्थ कायस्थ महासभा द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पधारी डॉक्टर सोनल सिंह ने कही । इसी प्रकार वरिष्ठ पूर्व व्याख्याता गीता सक्सेना ने भी अपनी वाणी से कहा कि समाज के नए बच्चों में संस्कार और सभ्यता के लिए साहित्यकारों की जीवनी से जोड़ना पड़ेगा । कायस्थ समाज ने बोर्ड एग्जाम में प्रवीण्य सूची में आने वाले विद्यार्थी विशेष श्रीवास्तव,लवीश श्रीवास्तव, संस्कार श्रीवास्तव,पीयूष श्रीवास्तव, संस्कृति सक्सेना, कीर्तिश श्रीवास्तव, प्रकृति सक्सेना, ओजस्विनी श्रीवास्तव ,खुशी श्रीवास्तव ,वंशिका माथुर, यश श्रीवास्तव, ऋषिका माथुर , प्रियांशी श्रीवास्तव आदि सहित कक्षा पहली से बारहवीं तक के 75 बच्चों को मैडल देकर सम्मानित किया ।
उज्जैन कायस्थ समाज अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा महिला प्रकोष्ठ के तत्वाधान में कायस्थ प्रतिभा सम्मान समारोह में समाज के प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान कर हरियाली तीज उत्सव मनाया गया । कार्यक्रम संयोजक अनुपमा श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन व महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष चेतना श्रीवास्तव ने समस्त अतिथियों का परिचय देकर अतिथियों के कर कमलों से भगवान श्री चित्रगुप्त जी के पूजन कर आरती कर आयोजन की शुरुआत की । इस अवसर पर महिलाएं बड़ी संख्या में हरे रंग की साड़ी पहन कर पहुंची । पंडित गौरव दवे द्वारा शिव कथा पर प्रवचन देकर एक से एक सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई । सूत्रधार रजनी कुलश्रेष्ठ, नेहा श्रीवास्तव, शशि श्रीवास्तव आदि ने बताया कि कायस्थ समाज की महिला टीम द्वारा पहली बार भव्य पैमाने पर हरियाली तीज उत्सव मनाया गया है । पंखिड़ा ओ पंखिड़ा । बम बम भोले , ॐ जयकारा । शिव लहरी आदि भजनों पर खूब महिलाओं ने नृत्य किया ।
मैडल पाकर बच्चों सहित माता पिता हुए खुश….
कायस्थ समाज के प्रतिभा वान बच्चों को जब मैडल और सर्टिफिकेट मिले तो केवल बच्चे ही नहीं उनके माता पिता भी बहुत खुश हुए क्योंकि समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह पहली बार किया गया । कार्यक्रम की अतिथि डॉ सोनल सिंह, उर्मिला श्रीवास्तव, आशा लता श्रीवास्तव , गीता सक्सेना, रीता सक्सेना, प्रेमलता श्रीवास्तव, डॉक्टर शैली खरे आदि थी ।
75 बच्चे हुए सम्मानित……….
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय कार्यकवाह अध्यक्ष विश्वास सारंग एवं राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव नीलू की मंशा अनुसार प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव के निर्देश पर उज्जैन इकाई जिला अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में महिला प्रकोष्ठ द्वारा प्रतिभा सम्मान के लिए 75 प्रतिशत वाले 75 बच्चों को एक मंच पर सम्मानित करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया । संभवतः समूचे प्रदेश का पहली बार महिला प्रकोष्ठ का इतना भव्य आयोजन हुआ । आयोजन के पीछे अनुपमा श्रीवास्तव, चेतना श्रीवास्तव,रजनी कुलश्रेष्ठ, नेहा श्रीवास्तव, पिंकी निगम, रक्षा अष्ठाना, शशि श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव,सीमा निगम, पिंकी श्रीवास्तव, दीपिका श्रीवास्तव, वर्षा श्रीवास्तव आदी की कड़ी मेहनत रही ।
कार्यक्रम समापन अवसर पर रुद्राक्ष वितरण किया गया । मोतीलाल श्रीवास्तव, देवेंद्र श्रीवास्तव, अंबिका प्रसाद श्रीवास्तव, शेष नारायण श्रीवास्तव, मदन गोपाल श्रीवास्तव , भूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव, रूपकिशोर कुलश्रेष्ठ,संजय श्रीवास्तव, चेतन श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, अर्पित श्रीवास्तव, यशदीप श्रीवास्तव, कल्पना श्रीवास्तव, ज्योति श्रीवास्तव, स्वाति श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव ,आशीष अष्ठाना आदि सम्मिलित हुए । कार्यक्रम का संचालन नीति श्रीवास्तव ने किया आभार नेहा श्रीवास्तव ने माना।