
चेन्नई साहूकारपेट जैन भवन 17 अगस्त l कृष्ण कन्हैया की आत्मा का निवास गौ माता के अंदर है, गाय रोती है तो कन्हैया तड़पता है, गाय कटती है कन्हैया कटता है, गाय माता के बिना कृष्ण अधूरे हैं l गाय माता की सेवा करना उनकी पूजा भक्ति से अनंत गुना बढ़कर है l
उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि एक गाय माता की सेवा करना 33 करोड़ देवता की सेवा करने के समान है l गाय माता संपूर्ण सृष्टि का श्रृंगार और पूरे विश्व की माता है l उन्होंने कहा कि मंदिर में बने गाय माता और नंदी की तो आरती और पूजा करते हैं और जीवित को निराश्रित छोड़ देते गंदगी कचरा और प्लास्टिक खाने को मजबूर करते हैं इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है। एक गाय माता की सेवा करना पंच मंदिर बनाने से भी बड़ा लाभ हैl
मुनि कमलेश ने बताया कि विदेश में कहीं रोड पर गाय माता नजर नहीं आएगी, हिंदुस्तान में रोड़ों पर भटक रही है l राष्ट्र संत ने कहा कि कुत्ते को पाल सकते हैं परंतु गाय को नहीं क्या यही भगवान के पति हमारी भक्ति और समर्पण ह वैज्ञानिक स्वीकार कर लिया है जहां पशुओं का वध होता है, वहां पर प्राकृतिक प्रकोप अकाल महामारी भूकंप बाढ़ और आती है l जब सरकार मछली मंत्रालय बना सकती है तो गौ मंत्रालय क्यों नहीं l
जैन संत ने कहा कि प्रत्येक धर्म स्थल के साथ एक गौशाला होगी ,तभी धर्मशाला की पवित्रता रह सकती है नहीं तो यूरिया के दूध से प्रक्षालन, नकली घी के दीप जलेंगे 56 भोग बनेंगे आस्था तर-तर हो जाएगी।
अंत में कहा कि जैविक खाद पशुधन के अलावा उपलब्ध नहीं होगा ,उसके अभाव में कीटनाशक दवाइयां और रासायनिक खत धरती को बंजारा बनाएगी l कैंसर हार्ट अटैक है जैसी बीमारियों की बाढ़ आ रही हैl पशुधन बचेगा तो पर्यावरण की रक्षा होगी स्वास्थ्य की रक्षा होगी विश्व में शांति स्थापित होगी l
संस्कार मंच महिला शाखा की ओर से कृष्ण सुदामा का नाटक प्रस्तुत किया गया संचालन महामंत्री डॉक्टर संजय पिंचा ने किया।
राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक सरस्वती पुत्र डॉक्टर गुलाब जी कोठारी का चेन्नई आगमन पर अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से उनका अभिनंदन किया जाएगा उनके दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेने का भी प्रस्ताव पास किया गया।