
रतलाम। बसंती लाल पिता गोपाल सिंह चौहान उम्र 78 वर्ष निवासी तेजा नगर द्वारा देहदान करने की तीव्र इच्छा जाहिर करते हुए संकल्प पूरा करने के लिए स्वयं ने घरवालों को मनाने की बहुत कोशिश कर ली परंतु सफल नहीं होने पर काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन सचिव गोविंद काकानी के सहयोग से घरवालों को मनाने के लिए लगातार आग्रह किया| समाजसेवी गोविंद काकानी ने जानकारी देते हुए बताया कि शाम को संकल्प पत्र भरने के लिए जैसे ही उनके घर पर पहुंचा पोती वैष्णवी चौहान ने स्पष्ट नाराजी व्यक्त करते हुए मना कर दिया।
समाजसेवी काकानी ने उपस्थित सभी घरवालों को देहदान की जानकारी देना शुरू किया और बताया कि आप सभी धार्मिक क्रियाएं कर सकते हैं| सिर्फ शव को अग्नि को समर्पित करने की जगह मेडिकल कॉलेज को विद्यार्थी अध्ययन के लिए दिया जाता है। |शव को जलाने से लाखों लीटर ऑक्सीजन वायुमंडल में समाप्त होती है। प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। कोरोना की महामारी को हमने आंखों से देख रखी है जैसे ही यह बात मैंने कहीं वैष्णवी को उसके पिता की कोरोना में ऑक्सीजन की कमी के कारण मृत्यु वाला दृश्य याद आ गया और उसने बताया कि मेरे पिताजी स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह चौहान के कोरोना बीमारी के समय आशीष पंडित के सहयोग से आपको बुलाया और आपने भी कोशिश करी थी परंतु अप्रैल 2021 मे बचाया नहीं जा सका था।
देहदान कि उक्त चर्चा के बाद वैष्णवी ने स्वयं के साथ परिवारजनों की देहदान के लिए स्वीकृति प्रदान करते हुए आम जनों के लिए अनुकरणीय संदेश दिया| बंसीलाल चौहान के सुपुत्र जितेंद्र सिंह चौहान, महेंद्र सिंह चौहान एवं उपस्थित मातृशक्ति ने सहमति प्रदान कर प्रक्रिया पूरी की| संकल्प पत्र को डॉक्टर लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज के शरीर संरचना विभाग में जमा किया जाएगा।
देहदान से परिवार व समाज को लाभ गोविंद काकानी ने बताया कि देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को शरीर संरचना का प्रत्यक्ष ज्ञान मिलता है। नेत्र व त्वचा दान से रोगियों को जीवन मिलता है। अंतिम संस्कार की लागत, लकड़ी की खपत और प्रदूषण कम होता है। साथ ही शासन द्वारा देहदानी परिवार को सामाजिक सम्मान व प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाते हैं। देहदान हेतु संपर्क मो.9329310044: गोविंद काकानी