रतलाम में मणि धारी दादा जिनचंद्र सूरीजी की 885वीं जन्म जयंती पर भव्य रथ यात्रा

धार्मिक उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम

रतलाम। जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ श्रीसंघ के तत्वावधान में रविवार को मणि धारी दादा जिनचंद्र सूरीजी की 885वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर भव्य रथ यात्रा का आयोजन हुआ।
रथ यात्रा का शुभारंभ फूलकुंवरबाई उपाश्रय से हुआ, जो रिमझिम बारिश के बीच शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः उपाश्रय पहुँची। रथ यात्रा के साथ परम पूज्य संस्कार निधि म.सा. सहित थाना-4 की उपस्थिति प्रारंभ से रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पुरुष वर्ग भगवान की वेदी को कंधे पर उठाकर चल रहे थे, वहीं महिलाएँ कलश लेकर श्रद्धाभाव से सहभागी बनीं। रथ में विराजमान मणि धारी दादा गुरुदेव के जयकारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा।

धर्मसभा

रथ यात्रा उपरांत फूलकुंवरबाई उपाश्रय पर आयोजित धर्मसभा में साध्वी संवेग निधि म.सा. तथा साध्वी निर्वेद म.सा. ने दादा गुरुदेव के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि –
“हम आज उनकी 885वीं जन्म जयंती मना रहे हैं। उन्होंने समाज के उत्थान हेतु जो उपकार किए, उन्हें जीवन में उतारना ही हमारे लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

तपस्वियों का बहुमान

इस अवसर पर अनेक तपस्वियों का बहुमान किया गया।
प्रमुख तपस्वी:
रौनक लालन (15 उपवास गतिमान), कपिल सुराणा (9 उपवास), रेनू लालन (8 उपवास), कविता चोपड़ा (उपवास), मनोरमा चोपड़ा (8 उपवास), लोकेश चोपड़ा (8 उपवास), जितेंद्र संचेती (8 उपवास), लब्धी संचेती (उपवास), सलोनी चौरडिया (8 उपवास), रिया मेहता (8 उपवास), छोटमल सुराणा (9 उपवास), अंकित कटारिया (8 उपवास), जागृति धारीवाल (दीक्षार्थी बहन – 11 उपवास), तनीषा लालन (11 उपवास), दिशा लालन (11 उपवास), हार्दिक मनीष कोठारी (11 उपवास), लखन कांतिलाल सोनी (11 उपवास), भूमि आशीष छाजेड़ (9 उपवास)। इसके अतिरिक्त 31 तपस्वियों का भी बहुमान किया गया।

विशेष सम्मान

इस अवसर पर श्रीमती मिनाली प्रखर कोठारी को जैनोलिज्म परीक्षा में देश में 10वाँ एवं प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मानकर्ता

पुरुष तपस्वियों का सम्मान – संघ अध्यक्ष अशोक चोपड़ा, मनोहर छाजेड़, राजेंद्र कोठारी, राजेंद्र कावणिया, श्रैणिक सराफ, संजय बनवट, मनोहर छाबड़ा, मनीष कोठारी आदि ने किया।

महिला तपस्वियों का सम्मान – श्रीमती मधु चोपड़ा, आशा चोपड़ा, स्मिता ललन, ममता चोपड़ा, रेनू ललन आदि ने किया।

रथ यात्रा में सहभागिता

आदिनाथ भगवान की वेदी को अशोक चोपड़ा, मनोहरछाजेड़, लोकेश लालन, जितेंद्र चोपड़ा, अमित चोपड़ा, अमित श्रीमाल, अमित नाहटा, संतोष चोपड़ा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कंधे पर उठाकर रथ यात्रा में सहभागिता की।