
जावरा (अभय सुराणा) । देहदान महादान जैसे शब्दों की सार्थकता जावराके समाजसेवी ,जीवदया प्रेमी श्री कनकमल जी काठेड़ की मृत्यु उपरांत काठेड़ परिवार के पुत्र राजेंद्र कांठेड़, पौत्र यशराज कांठेड़ एवं नाती चिराग चौरड़िया ने संजीवनी फाउंडेशन जावरा और लायंस क्लब जावरा के यश जैन एडवोकेट के माध्यम से तत्काल सहमति देकर देहदान करने की इच्छा जाहिर की है। इस पर यश जैन ने त्वरित संज्ञान लेकर जिलाधीश महोदय रतलाम,जिला पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक, शहर थाना प्रभारी तथा मेडिकल कॉलेज रतलाम डिन से चर्चा कर शासकीय कार्यवाही को पूर्ण कराकर माननीय मुख्यमंत्री मोहन जी यादव के आदेशानुसार देहदानी को गॉड ऑफ ओनर का सम्मान देते हुए उनकी अंतिम यात्रा को सम्पन्न कराया गया।
इसके पश्चात लायंस क्लब जावरा के वाहन से देहदानी श्री कांठेड़ के पार्थिव शरीर को रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां पर मेडिकल कालेज प्रबंधन द्वारा श्री कांठेड़ को भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित किए साथ ही परिवार को देहदान एवं नेत्रदान का स्मृति चित्र देकर अनुमोदना करी। अभी तक संजीवनी फाउंडेशन के माध्यम से 18 से अधिक गणमान्य बंधुओं का देहदान का संकल्प पत्र भरा जा चुका है।
इस अवसर पर संजीवनी फाउंडेशन के अध्यक्ष यश जैन ने बताया कि श्री कांठेड़ जी द्वारा सिर्फ देहदान नहीं किया गया है बल्कि जिला का प्रथम देहदान होकर पूरे रतलाम जिले को आप एक नया प्रेरणा दी है, जिससे पूरे जिले में देहदान के लिए जागरूकता होगी इस समय पर पिंकेश मेहरा,विरेन्द्र सिसोदिया,वैभव रांका, मनीष कोचर, सुजानमल कोचट्टा , हरिनारायण अरोड़ा, सुरेश मेहता, विजय राठौर, कमल सारड़ा, संतोष मेडतवाल के साथ कांठेड़ परिवार सुदेश खारीवाल,रवि खारीवाल, संजय सुराणा और परिवार के अन्य सदस्य एवं रिश्तेदार के साथ, रतलाम की गोविंद भाई, मेडिकल कॉलेज के जितेंद्र गुप्ता समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।