12 घंटे आकांक्षा हाट में नान स्टाप गूँजी संगीत एक्सप्रेस

गुलाब चक्कर में 141 गीतों और लोकनृत्य ने रचा नया इतिहास

रतलाम 4 सितंबर । रतलाम जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के प्रयासों से आकांक्षा हाट के अंतर्गत गुलाब चक्कर 3 सितम्बर 2025 को इतिहास रचने का साक्षी बना। सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक लगातार 12 घंटे नॉन स्टॉप संगीत एक्सप्रेस ने पूरे नगर को संगीतमय बना दिया।
इस अनुपम आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि एक ही मंच पर एक साथ 141 संगीतकारों और कलाकारों ने उपस्थिति दर्ज कराई और अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से अद्भुत समरसता का माहौल बनाया। 3 वर्ष से लेकर 90 वर्ष तक के प्रतिभावानों ने स्वर-साधना का ऐसा संगम रचा, जिसने रतलाम की सांस्कृतिक धरोहर को और भी उज्ज्वल बना दिया।
नगर के प्रमुख संगीत संस्थान, गायक-गायिकाएँ और कलाकार सामूहिक रूप से एक मंच पर जुटे और संगीत महायज्ञ में अपनी आहूति दी। आयोजन का संचालन योग प्रकृति संगीत सेवक विशाल कुमार वर्मा ने किया, जिससे यह कार्यक्रम और भी भव्य और अविस्मरणीय बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विश्व रिकॉर्ड धारक नन्ही बालिका झानवी सोनी द्वारा हनुमान चालीसा पाठ से हुआ। वातावरण ऐसा था मानो सुरों की गंगा बह रही हो और आसमान से अमृत बरस रहा हो।
इस दौरान जिला योजना अधिकारी श्री बालकृष्ण पाटीदार, डूडा परियोजना अधिकारी श्री अरुण पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रामनिवास बुधौलिया और म.प्र. जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आयोजन में विश्व रिकॉर्ड होल्डर बालक जिष्णु दवे सहित समाज सेवकों विशिष्ट जनों का अमृता गिलोय बेल की हरित माला से सम्मान किया गया। वहीं बाजना परियोजना महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मांदल की थाप पर प्रस्तुत आदिवासी लोक नृत्य और सितार वादन ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और अपनी संस्कृति से गहराई से जोड़ दिया।
रतलाम की इस संगीतमयी यात्रा ने न केवल सुरों का इतिहास रचा, बल्कि एक ही मंच पर 141 कलाकारों की अनूठी उपस्थिति ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय संदेश भी दिया।