ओणम का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

रतलाम। नगर में ओणम का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ओणम केरल का एक वार्षिक फसल और सांस्कृतिक त्योहार है जो मलयालम महीने चिंगम (अगस्त-सितंबर) में मनाया जाता है. यह त्योहार दयालु असुर राजा महाबली के प्रति सम्मान दर्शाता है, जिनके बारे में माना जाता है कि वह साल में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए लौटते हैं. ओणम के दौरान लोग अपने घरों को फूलों की रंगोली (पुक्कलम) से सजाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, और पारंपरिक भोजन (ओणम साध्या) खाते हैं, जिसमें केले के पत्ते पर विभिन्न प्रकार के शाकाहारी व्यंजन परोसे जाते हैं. इसके साथ ही, नौका दौड़ (वल्लमकली) और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

त्योहार का महत्व, फसल का त्योहार

ओणम को फसल के त्योहार के रूप में भी मनाया जाता है, जो खेतों में नई फसल के आने का प्रतीक है. राजा महाबली का स्वागत:यह एक प्राचीन किंवदंती से जुड़ा है, जिसके अनुसार राजा महाबली साल में एक बार पृथ्वी पर अपने राज्य और प्रजा को देखने आते हैं. मुख्य परंपराएंपुक्कलम:घरों के बाहर फूलों से रंगोली बनाई गई। ओणम साध्या में केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले 24 से अधिक शाकाहारी व्यंजनों का भव्य भोजन बनाया गया ।इस अवसर पर सुरेश नायर, अनीता थॉमस, राजेश पिल्लई, आर के उन्नीथन, नंदकुमार, संतोष जी आदि मौजूद थे। 14 सितंबर रविवार को अय्यपा मंदिर शास्त्री नगर में भोजन प्रसादी एवं भागवत पाठ होगा । फोटो कैप्शन – ओणम के अवसर पर रामबाग में नायर परिवार द्वारा फूलो से रंगोली सजाई गई