


रतलाम । परम पूज्य आचार्य श्री योगिन्द्रसागरजी जी महाराज के सुशिष्य परम पूज्य युक्ति सागर जी महाराज की नव वर्ष की अवस्था में दिनांक 9 फरवरी 2021 को 2:00 पर 1:30 बजे समाधि मरण हुआ पूज्य युक्ति सागर जी महाराज की दीक्षा के 14 वर्ष पूर्ण हो चुके थे l आपने जयपुर में 2007 में 14 जून को पूज्य गुरुदेवआचर्य श्री योगिन्द्रसागरजी के कर कमलों से दिगंबर साधु पद को ग्रहण किया थाl आज गुरुदेव के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा 4:30 बजे निकाली गईl जिसमें उज्जैन, बांसवाड़ा ,जावरा, रतलाम, धामनोद ,डेलनपुर आदि शहरों के जैनाजैन अनेक भक्त सम्मिलित हुए। गुरुदेव को मुख अग्नि देने का सौभाग्य उनके गृहस्थ जीवन के पुत्र श्री मनोज जैन भिंड को प्राप्त हुआ एवं गुरुदेव की पूजन औऱ चिता पर विराजमान करने का सौभाग्य डॉ नेमीचंद जैन उज्जैन ने प्राप्त किया।