श्री संघ ने अभिनंदन पत्र भेंटकर किया बहुमान

रतलाम। आचार्य प्रवर पूज्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. तथा मुनिमंडल एवं पुण्य पुंज साध्वी श्री पुण्यशीलाजी म. सा. व साध्वी मंडल के सानिध्य में गुरु समर्पण वर्षावास में त्याग – तपस्याओं का दौर चल रहा है।मासक्षमण की कठोर तपस्या भी चल रही है। श्रावक – श्राविकाएं उत्साहपूर्वक समस्त आराधनाओं में बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं।यहां श्री धर्मदास जैन श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष , मार्गदर्शक व अखिल भारतीय श्री धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य 71 वर्षीय तपस्वी अशोक चतुर ने 31 उपवास की कठोर तपस्या पूर्ण की ।
उल्लेखनीय है कि तपस्वी अशोक चतुर रत्नपुरी गौरव साध्वी चतुर्गुणा जी व साध्वी अनंतगुणा जी के सांसारिक बड़े पिताजी है। डीपी परिसर पर प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. ने तपस्वी व तपस्वी के परिवार को खूब खूब धन्यवाद दिया। आयोजित धर्मसभा में श्री धर्मदास जैन श्री संघ द्वारा तपस्वी का बहुमान किया गया। श्री संघ की ओर से कई आराधकों ने विभिन्न तप की बोली लेकर तपस्वी का शाॅल ओढा़कर माला पहनाकर बहुमान किया। श्री संघ द्वारा तपस्वी का गणनायक गौरव गाथा परिसर पर अभिनंदन पत्र व भेंट देकर अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर गुरु समर्पण वर्षावास समिति के मुख्य संयोजक शांतिलाल भंडारी, श्री संघ के अध्यक्ष रजनीकांत झामर, मार्गदर्शक माणकलाल कटकानी, कोषाध्यक्ष अमृत कोठारी, भोजनशाला समिति के संयोजक हस्तीमल चौपड़ा, वीर पिता विजय चतुर, अणु मित्र मंडल के महेश कटकानी, प्रमोद सालेचा वोरा, अणु श्री श्राविका मंडल की गरिमा चतुर, अणु श्री बालिका मंडल की शुभम चतुर आदि उपस्थित थे।
.