रतलाम में बाल संस्कार शिविर का शुभारंभ

मुनि श्री सद्भाव सागर जी ने बच्चों को बताए सच्चे देव-शास्त्र-गुरु के लक्षण”

रतलाम। 2 अक्टुबर 2025 गुरुवार को श्रुति संवर्धन वर्षा योग 2025, आचार्य 108 विशुद्ध सागर जी म.सा. के शिष्य मुनि श्री 108 सद्भाव सागर जी म.सा. एवं क्षुल्लक 105 श्री परम योग सागर जी म.सा. द्वारा लोकेंद्र भवन मे पाट पर विराजित है। दूसरे दिन बाल संस्कार शिक्षण शिविर 20 25 आओ सीखे दिनेश जैनिज्म का शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि एसबीआई रीजनल मैनेजर रत्नेश सिंघाई समाज से भी बसंत अग्रवाल व पत्रकार सुधीर जैन द्वारा किया गया तत्पश्चात समिति द्वारा सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत मोतियों की माला, दुपट्टा व पगड़ी पहनकर किया गया। मुख्य अतिथियों ने महाराज श्री के चरणों में श्रीफल रखा।
बाल संस्कार शिक्षण शिविर आओ सीखे जैनिज्म में श्री श्री 108 मुनि श्री सद्भाव सागर जी मसा. ने बच्चों को सच्चे देव- शास्त्र- गुरु के बारे में समझाया। और बताया कि जो वितरागी सर्वज्ञ तथा हितोपदेशी होते हैं कि वह ही सच्चे गुरु हैं वितरागी 18 दोष नहीं होते हैं। भूख, प्यास,जन्म, मृत्यु,बुढ़ापा, रोग, घमंड,भय, द्वेष,मोह, चिंता, निंद्रा,अरिती, आश्चर्य, खेद, शोक में व्याप्त नहीं होते हैंऔर न ही उनको पसीना आता है। वे सर्वज्ञ होते हैं जो लोग के सभी प्रकार पदार्थों को जानते हैं।ऐसे ही नवदेव के बारे में भी बताया अरिहंत, सिद्ध,आचार्य, उपाध्याय,जिनधर्म,जिन आगम,जिन चैत्य एवं जिन चैत्यालय ये नौ देवता है।
जो सच्चे गुरु होते हैं वह दिगंबर महाराज होते हैं पीच्छी धारण करते हैं और पीच्छी मोर पंख की होती है साथ में कमंडल भी धारण करते हैं कमंडल से वह शुद्ध करते हैं वह कमाना नहीं जानते वह खाना बनाना नहीं जानते जो संयम धारण करते हैं तथा संसार के वशीभूत नहीं होते हैं और वह पढ़ते हैं पढ़ते हैं वह ही सच्चे गुरु होते हैं। यह सभी बच्चों को समझाया तथा अंत में योग के माध्यम से जिन मुद्रा बच्चों को सिखाई गई। श्री बसंत अग्रवाल परिवार द्वारा स्वल्पाहार, श्री कमलेश पापडीवाला द्वारा पुरस्कार वितरण, प्रश्नोत्तरी एवं खेल श्रीमती रेखा चंद्र कुमार बाकलीवाल द्वारा शिविर बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु योगदान किया गया।
श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन श्रावक संघ, श्री विद्या सिंधु महिला मंडल श्री विमल सन्मति युवा मंच एवं सकल दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में कथा का श्रवण कर रहे हैं उक्त जानकारी चंद्रप्रभ दिगंबर जैन श्रावक संघ संयोजक मांगीलाल जैन ने दी।