बंसतोत्सव पर अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन द्वारा श्री राम विद्या मंदिर में कवि सम्मेलन सम्पन्न

जावरा( अभय सुराणा) बसंत पंचमी के दिन पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को शब्दभेदी बाण से मार डालने की ऐतिहासिक घटना के रूप में भी याद किया जाता है । मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को बंदी बनाकर उनकी आंखें निकाल दी थी परंतु पृथ्वीराज चौहान के कवि मित्र ने कविता मत चुक चौहान गाकर मोहम्मद गौरी की स्थिति का बयान किया था तब पृथ्वीराज चौहान ने शब्दभेदी बाण चलाकर मोहम्मद गोरी को मार डाला था। यह एक ऐतिहासिक घटना है जो बसंत पंचमी के दिन ही घटी थी उक्त विचार बसंतोत्सव के अवसर पर अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन द्वारा श्री राम विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ प्रकाश उपाध्याय ने व्यक्त किए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मां सरस्वती की आरती एवं पूजन की गई तथा मां सरस्वती एवं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के चित्र पर पुष्पमाला डॉक्टर प्रकाश उपाध्याय, संस्था प्रमुख अभय कोठारी एवं कार्यक्रम समन्वयक श्री रमेश मनोहरा ने अर्पित की । श्री रतन लाल उपाध्याय ने मां सरस्वती की आरती प्रस्तुत की। संस्था प्रमुख अभय कोठारी ने उपस्थित सभी कवियों का पुष्पमाला से स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि वसंत ऋतु का आगमन प्रकृति का रूप निखारती है तथा इसे ऋतुओं का राजा कहा जाता है। आपने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से विचारों का विस्तार होता है तथा विलोपित हो रही संस्कृति को बचाया जा सकता है। कवि एवं साहित्यकार श्री रमेश मनोहरा ने कहा की निराला और बसंत पंचमी का अटूट संबंध है निराला जी का इसी दिन जन्म हुआ था। निरालाजी ने कविताओं को मुक्त छंद प्रदान किया ।उनकी बहुत आलोचना भी हुई उनकी कविताओं को रबर छंद नाम दिया गया । श्री मनोहर सिंह चौहान मधुकर ने निराला द्वारा लिखी गई “वीणा वादिनी वर दे “प्रार्थना प्रस्तुत की ।ओमप्रकाश शिकारी , विक्रम सिंह अजल ने बसंत ऋतु पर अपनी रचना प्रस्तुत की। कालू लाल जांमड़ा ने निराला को छायावादी कवि बताते हुए मुक्त छंद की कविता प्रस्तुत की साथ ही बसंत ऋतु और गांव पर कविता पाठ किया ।श्री मनोहर मधुकर ने “बसंत आ गया पर तुम ना आए” गीत सुंदर वाणी में प्रस्तुत किया श्री गुलाम मोइनुद्दीन “धनवानों का आगमन हो गया” कविता प्रस्तुत की। श्री राजेंद्र श्रोत्रिय ने अपनी सुमधुर वाणी में लॉकडाउन पर कविता तथा मालवी गीत प्रस्तुत किया । व्ही. व्ही. कुलकर्णी ने नवीन रचना प्रस्तुत कि । श्री रमेश मनोहरा ने वसंत ऋतु पर दोहे प्रस्तुत करते हुए व्यंग रचना प्रस्तुत की । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर प्रकाश उपाध्याय ने राम पर सुंदर रचना प्रस्तुत की एवं याद आता है छुटा गांव गीत प्रस्तुत कर वातावरण को रसमय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन मनोहर सिंह मधुकर ने किया एवं आभार प्रदर्शन जगदीश उपमन्यु ने किया।

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