गरबा मात्र सांस्कृतिक पर्व ही नहीं अपितु शक्ति, भक्ति,आराधना का पर्व है – प्राचार्या सुमित्रा बामनीय

जावरा (अभय सुराणा) । जब बेटियां गरबा खेलती हैं तो लगता है माँ स्वयं धरती पर उतर आयी है। बेटियों की जितनी प्रशंसा की जाय बहुत कम है। उक्त विचार माधवानंद एकेडमी पर आयोजित गरबा महोत्सव के अवसर पर मुख्य अ तिथि शासकीय कमला नेहरू विद्यालय कि प्राचार्या सुमित्रा बामनीय ने व्यक्त किए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी मालती दवे ,स्वाति श्रोत्रिय ने कहा कि बेटियां हमारी रौनक़ है बेटियां से ही समाज परिवार में संस्कार है। श्री माधवानंद अकैडमी परिवार द्वारा गरबा महोत्सव का प्रयास किया गया वह प्रशंसनीय है। विद्यालय परिवार बधाई का पात्र है। कार्यक्रम के शुभारंभ में अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।
बालिकाओं ने
गरबा महोत्सव में रंगारंग गरबा प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया अतिथियों का स्वागत शाल के राजेंद्र श्रोत्रिय मनीष शर्मा उषा श्रोत्रिय ज्योति सोनी प्राची सोलंकी माया धाकड़ अंकिता शर्मा एच डी बैरागी शिवानी शर्मा प्रियंका देवड़ा एवं रचना कुशवाहा आदि ने किया संचालन भरत मौर्य ने किया आभार बाबूलाल पाँचाल ने व्यक्त किया।

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