


अहमदाबाद। सिवाना सेवा समिति–अहमदाबाद द्वारा “संयम यात्रा की ओर बढ़ते कदम ”अनुमोदना समारोह” का भव्य आयोजन राज भवन, सर्किट हाउस के पास, शाहीबाग में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन मातृभूमि गढ़सिवाना के पांच मुमुक्षुओं के संयम मार्ग पर अग्रसर होने की पावन प्रेरणा और अनुमोदना के रूप में आयोजित किया गया।
संस्था के उपाध्यक्ष मुकेश आर. चौपड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे “अनुमोदना यात्रा” से हुआ, जिसमें भक्तों का उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा देखते ही बनती थी। हिमाचल सूरी स्मारक राज भवन मुख्य द्वार से सभी दीक्षार्थी बग्गी में बैठकर धर्ममय वातावरण में रवाना हुए व हॉल तक प्रभु भक्ति, जयघोष और संयम गीतों की गूंज सुनाई दी। इसके पश्चात 10:00 बजे “संयम के समुन्नत क्षण : अभिनंदन समारोह” आयोजित हुआ, जिसमें संगीतकारा झरना वोरा के मधुर भजनों ने आध्यात्मिक रस में डूबो दिया।
समारोह में उपस्थित समाजजनों ने पांच दीक्षार्थियों मुमुक्षु शाश्वतजी चारित्रकुमारजी बागरेचा (आयु 7.5 वर्ष), मुमुक्षु चारित्रकुमारजी सुरेशकुमारजी बागरेचा (आयु 34 वर्ष), मुमुक्षु श्रीमती दीपिकाजी चारित्रजी बागरेचा (आयु 33 वर्ष) उपरोक्त तीनों दीक्षार्थियों का पिता , पुत्र व माता का सम्बन्ध है, मुमुक्षु उज्वलाजी संजयकुमारजी मेहता (आयु 24 वर्ष) , मुमुक्षु मानवजी चेतनकुमारजी गणधर चौपड़ा (आयु 19 वर्ष) का भव्य स्वागत कर उनके संयम मार्ग की ओर अग्रसर होने की अनुमोदना की व मुमुक्षुरत्नों ने परमात्मा के समक्ष दीपप्रज्वलन कर मंच पर स्थान ग्रहण किया ।
तत्पश्चात अध्यक्ष दिलीप बागरेचा ने सभी आगंतुकों का स्वागत कर इस कार्यक्रम को समिति का गौरव बताया ।
कार्यक्रम दरम्यान मुमुक्षु के वीर माता पिता का अभिनंदन किया गया जिन्होंने उनको दीक्षा हेतु आज्ञा प्रदान की । तत्पश्चात सभी संयमी रत्नों का भी भावभीना अभिनंदन किया गया । गौरतलब हे कि संयमी रत्नों के हृदय के उदगार सुनकर उपस्थित जनमेदनी भाव विभोर हो गई । जैन धर्म में दीक्षा ग्रहण के पश्चात साधु साध्वी धर्म अंगीकार करने के पश्चात सभी भौतिक सुख सुविधाओं का परित्याग किया जाता है व एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने हेतु किसी भी वाहन का भी उपयोग नहीं किया जाता आदि अनेकों सुख सुविधाओं का त्याग करना होता है ।
उल्लेखनीय है कि मुमुक्षु मानव चौपड़ा की दीक्षा मातृभूमि गढ़सिवाना में 26 अक्टूबर को ज्ञान गच्छाधिपति पूज्य गुरुदेव 1008 श्रुतधर पंडितरत्न श्री प्रकाशचंद्रजी म.सा.के सानिध्य में, बागरेचा परिवार के पिता – चारित्रकुमार, माता – दीपिका बहन व पुत्र शाश्वत की दीक्षा 30 नवंबर को सिद्धवड भूमि पालीताणा में प.पु. आचार्य श्री रश्मिरत्न सुरीश्वरजी म.सा. व पन्यास प्रवर श्री यशरत्नविजयजी म.सा.की निश्रा में व मुमुक्षु उज्जवला की दीक्षा 28 जनवरी को प्रेक्षा भारती कोबा, अहमदाबाद में आचार्य देव श्री तपोरत्नसुरीश्वरजी म.सा. के शिष्य गणिवर्य श्री कल्याणरत्न विजयजी म.सा. की निश्रा में आयोजित होगी ।
“जिनशासन के अणगार… संयम के शणगार…” इस भाव से ओतप्रोत कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
समारोह का सफल संचालन दिनेश श्रीश्रीमाल व मुकेश आर. चौपड़ा ने किया । कार्यक्रम संयोजक किरण बागरेचा सह संयोजक हेमंत तातेड़, पराग बागरेचा, जितेन्द्र बागरेचा ने पूरी टीम के साथ मिलकर कार्यक्रम को सहयोग प्रदान किया। यह समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संयम, संस्कार और समाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बन गया।
कार्यक्रम दरम्यान अध्यक्ष दिलीप बागरेचा, उपाध्यक्ष प्रकाश लुंकड़, मनीष मेहता, मुकेश आर. चौपड़ा, रणजीत कानुंगा, सचिव कीर्ति बागरेचा, संस्थापक अध्यक्ष महावीर चौधरी, निवर्तमान अध्यक्ष अमित बालड़, पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद्र बागरेचा, दिनेश श्रीश्रीमाल, सहसचिव राजेश चौपड़ा, सह कोषाध्यक्ष ललित रांका, पंकज बालड़ आदि उपस्थित थे । अंत में सचिव कीर्ति बागरेचा ने सभी का आभार प्रकट किया ।