

रतलाम/भोपाल 13 अक्टूबर 2025 । एमएसएमई सम्मेलन को संबोधित करते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गतिशील नेतृत्व और मार्गदर्शन से मध्यप्रदेश में उद्योग और रोजागर का माहौल बदला है। प्रदेश की सब्सिडी वितरण नीति उद्यमियों के लिये सही अर्थों में बड़ा संबल बनी है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों में उत्साह का नया संचार हुआ है और वे स्वयं का उद्योग लगाने के लिए प्ररित हो रहे है।
उन्होंने कहा कि सब्सिडी सहायता उद्योगों के शैशव काल में बहुत आवश्यक है। प्रथम 2 वर्ष उद्योगपतियों के लिए बहुत कठिन होते हैं ऐसे में आर्थिक सहायोग मिल जाये तो उद्योग का संचालन आसान हो जाता है और वे जल्द ही अपने पैर पर खड़े हो जाते है।
श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग और व्यक्तिगत रूची के कारण ही हम वर्ष 2024-25 में 700 करोड़ के बजट के विपरीत 2100 करोड़ रूपयों से ज्यादा की सब्सिडी का वितरण कर पाये। अब अगस्त 2025 तक की सभी अनुदान देनदारियों का भुगतान हो चुका है।
एमएसएमई नीति 2025 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए श्री काश्यप ने कहा कि इस नीति में नये उद्यमियों के लिए पहली बार 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। निर्यात करने वाले उद्यमियों को पोर्ट तक माल-भाड़े में 50 प्रतिशत अनुदान देने तथा स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उदे्दश से नये उद्यमियों को एक साल तक 10000 रूपये महिनें की आर्थिक सहायता देने के भी प्रावधान किये गये है। जिससे युवा अपने नवाचारों को जमीन पर क्रियान्वित कर सके। मध्यप्रदेश ही देश का ऐसा अकेला राज्य है जहां नव उद्यमियों के लिए नीतियों में ऐसे प्रावधान किये गये है।
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 1080 प्लॉट आवंटित किये गये है लेकिन एक भी शिकायत नहीं आई है अब ब्लॉक स्तर पर उद्योग लगाने की संभावनाएं तलाश रहे है।