मिशन न्यूट्रिशन अंतर्गत प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण एम सी एच में संपन्न

  • विभागीय मैदानी कार्यकर्ता शिशुओं के पोषण और स्वास्थ्य की निगरानी कर माताओ को परामर्श प्रदान कर रहे हैं
  • ग्लोबल व्हील्स फाउंडेशन के प्रयासों से बच्चों के पोषण में हो रहा सुधार

रतलाम । ग्लोबल व्हीलस फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट अंतर्गत मिशन न्यूट्रिशन के लिए मातृ एवं शिशु अस्पताल रतलाम में प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ग्लोबल व्हीलस फाउंडेशन के विशेषज्ञ अधिकारी डॉ रूपल दलाल एमडी पीडियाट्रिशियन, डॉ देव जी पाटिल कंसलटेंट , डॉ दीपाली फरगाड़े , सुश्री शीतल हीवाले , श्री तरुण कुमार शर्मा स्टेट प्रोग्राम मैनेजर , श्री विनायक पांचाल ट्रेनर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील, डीपीएम डॉ प्रमोद प्रजापति, सी पी एच सी सलाहकार श्री लोकेश वैष्णव, श्री आशीष चौरसिया, श्रीमती सरला वर्मा, मालती विजुअल आदि ने उपस्थित होकर विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को कार्य आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान नवजात शिशुओं को स्तनपान कराने, स्तनपान की उचित तकनीक, कार्बोहाइड्रेट एवं वसा युक्त पदार्थ का उपयोग कम करने, प्रोटीन युक्त आहार की प्रदायगी , शिशुओं को पूरक पोषाहार, शिशुओं के वजन एवं वृद्धि निगरानी करते हुए प्रसूता माताओ को परामर्श प्रदान किया गया। डॉ. रूपल दलाल ने दैनिक खान पान के पोषण एवं व्यवहार के वैज्ञानिक तरीके की जानकारी देते हुए बताया कि चौबीस घंटे के आहार में नाश्ता, दोपहर के भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट की नियत मात्रा में उपयोग से संतुलित आहार लेकर जीवन को स्वस्थ और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। उत्तम खानपान आदतों के लिए तेल, नमक, मीठा का सीमित उपयोग करे, नियमित व्यायाम करे, मोटे अनाज का उपयोग करें। साथ-साथ प्रोटीन युक्त तत्वों को खानपान में अधिक लेते हुए, कार्बोहाइड्रेट कम करने की जरूरत पर जोर दिया गया, क्योंकि अधिक कार्बोहाइड्रेट में शक्कर की मात्रा ज्यादा होने से में विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होने की आशंका निर्मित होती है। जन्म से 6 माह के बच्चों , गर्भवती धात्री महिलाओं के लिए मां के आंचल का दूध के महत्व, जन्म से 6 माह तक सिर्फ मां का दूध, शिशु के 6 माह का होने के बाद पूरक पोषण आहार प्रारंभ करने तथा विभागों के समन्वय व सहयोग से प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए अपने- अपने दायित्वों को पूरे मनोयोग से पूर्ण करें। कार्यकर्ता शिशुओं का नियमित फॉलो अप करें, और स्तनपान करने वाली माताओ को परामर्श प्रदान करें । प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा पूर्व में प्रदान किए गए प्रशिक्षण के बाद नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य सुधार की प्रकरणवार जानकारी ली गई। कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर , ए एन एम , आशा कार्यकर्ता , महिला बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आदि ने बताया कि विभिन्न कार्यकर्ताओं द्वारा सुपोषण अभियान के दौरान प्रतिदिन घर-घर जाकर शिशुओं की वजन एवं वृद्धि की निरंतर निगरानी की जा रही है ,तथा माताओ ने परामर्श के आधार पर अपने शिशुओं के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार पाया है और इस आधार पर पूर्व की स्थिति और वर्तमान स्थिति में सकारात्मक रूप से सफल परिणाम प्राप्त हो रहे हैं, इसकी पूरी प्रविष्टि भी ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के द्वारा की जा रही है ।
उल्लेखनीय है कि लगभग 1 वर्ष पूर्व ग्लोबल व्हीलस फाउंडेशन द्वारा विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान कर प्रशिक्षक बनाया गया था। इस क्रम में कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर शिशुओं को उचित पोषण आहार संबंध में निरंतर कार्य किया जा रहा है, किए गए कार्य का फीडबैक और उन्मुखीकरण के लिए टीम द्वारा रतलाम जिले में कार्य किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।

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