जगतगुरु स्वामी रामदयाल महाराज के सानिध्य मे सकल्प और गुणगान करके मनाया रामस्नेही सम्रदाय के जन्मदाता प्राकट्य महोत्सव

भीलवाड़ा (सुनिल चपलोत) । गुणगान और सकल्प के साथ मनाया रामस्नेही जन्मदाता प्राकट्य महोत्सव महाप्रभु रामचरण जी महाराज 301 वे प्राकट्य महोत्सव के समापन दिवस पर विशाल श्रध्दालूओ को जगतगुरु स्वामी रामदयाल महाराज ने रामचरण जी महाराज के गुणों का वर्णन करते हुयें कहां कि टोंक के समीप सोडा की धरती में छोटे से परिवार में जन्म लेकर वैराग्य धारण करते हुये सम्पूर्ण भारतभर मे सनातन का ध्वजा फेराते हुये रामननाम की अलख ज्योत जगाई धर्म से भटक चुके व्यक्तिओ को रामनाम पाठ पढाते हुये धर्म की राह बताई और रामस्नेही सम्रदाय की स्थापना की गौशाला के साथ मानव मात्र के कल्याण के लिये परोपकार का काम किया प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में सभी रामस्नेही भक्तों ने रामदयाल महाराज के आहन पर अहसाय व्यक्तियो की सेवा का उपस्थित रामस्नेही भक्तों ने हांथ उठाकर सकल्प लिया ! उदयपुर से वरिष्ठ संत नरतपतराम बाडमेर से संत रामस्वरूप शास्त्री खाचरोद से संत तोताराम,संत रामानुराग,जहाजपुर से संत ललितराम,नागदा से संत गोविंद राम भंडारी संत हरशुकराम,ईश्वरराम, आदि संतो महात्माओं ने कहां कि आज भले ही महाप्रभु महाराज की देह हमारे बीच नहीं है परंतु उनकी वाणी और धर्म के संदेश हमेशा हमेशा के लिये संसार में जीवंत रहेगे ! सुनिल चपलोत ने बताया कि इस दौरान रामद्वारा समिति के दामोदर बिलड़ा, जगदीशचन्द्र सोमाणी, महावीर बाल्दी, अशोक अजमेरा रमेशचंद्र राठी आदि पदाधिकारियों महोत्सव मे पधारे संतो और अतिर्थियो का स्वागत अभिनन्दन किया ! जन्मोत्सव आयोजन मे महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश,दिल्ली,तथा टोंक,जयपुर,चितौड़गढ़, उदयपुर राजसमंद जोधपुर अजमेर आदि क्षैत्रों के अलावा स्थानीय भक्तों की उपस्थित रही ! आचार्य रामदयाल महाराज ने मार्च महिने मे शाहपुरा रामद्वारा धाम मे फूल डोल महोत्सव मे पधारने की घोषणा की अंत मे संत हरसुखराम महाराज ने सभी का आभार व्यक्त किया !

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