
रतलाम। भगवान शंकर के अनंत सेवक एवं दिव्य नागराज वासुकीनाथ बाबा की अलौकिक कृपा से अगहन सुदी पंचमी एवं नाग दीपावली का पवित्र पर्व इस वर्ष शिव शक्ति वासुकी धाम , स्नेह नगर, 80 फीट रोड, रतलाम में ऐसी आध्यात्मिक ऊँचाई पर मनाया जाएगा, जहाँ श्रद्धा परम-आत्मा से मिलन का माध्यम बन जाएगी। 25 नवंबर, मंगलवार को प्रातः 12 बजे आरंभ होने वाला मंगल अभिषेक न केवल एक अनुष्ठान होगा, बल्कि भक्तों की आत्मा को परम ऊर्जा से भरने वाला दिव्य स्पंदन होगा। दूध, दही, मधु और पंचगव्य के अभिषेक के साथ गूँजते वैदिक मंत्र वातावरण में ऐसी पवित्रता भर देंगे कि मन, बुद्धि और हृदय—तीनों शांति में विलीन हो जाएँगे। स्नेह नगर विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती चेतना पाटीदार ने बताया कि बाबा की कृपा से हर रविवार और उजियारी पंचमी पर होने वाले पूजन-अभिषेक में भक्त विशेष अनुभूति करते हैं।
भक्तों का विश्वास है कि वासुकीनाथ बाबा के चरणों में समर्पित प्रार्थना जीवन की नकारात्मक शक्तियों को भस्म कर देती है, चाहे वह कालसर्प दोष हो, पितृ बाधा, गृह अशांति या किसी भी प्रकार का मानसिक-शारीरिक कष्ट। बाबा को सफेद पुष्प, शुद्ध नारियल और तीन परिक्रमा अर्पित करना—मानो आत्मा को दिव्य ज्योति से भरने का माध्यम बन जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस अनुष्ठान से मनोकामनाएँ पूर्णता में बदल जाती हैं, और जीवन में एक अदृश्य लेकिन अनुभूत होने वाली दिव्य सुरक्षा प्राप्त होती है।
नियमित दिव्य अनुष्ठान
प्रत्येक रविवार एवं उजियारी पंचमी पर विशेष पूजा पंडित प्रवीण शर्मा जी के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार सामूहिक प्रार्थना जो वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है शहर के गणमान्य नागरिकों ने सभी भक्तों से आग्रह किया है कि इस दिव्य अवसर पर सम्मिलित होकर वासुकीनाथ बाबा के दिव्य सान्निध्य का लाभ लें।
नाग दीपावली का दिव्य रहस्य – 25 नवंबर
पौराणिक मत के अनुसार इस दिन नागस्वरूप का धरती पर पावन अवतरण हुआ था। इस अवसर का महत्व इतना प्रखर है कि इस दिन किया गया हर आध्यात्मिक कर्म बहुगुणित फल देता है।
जो भी भक्त रोग, कष्ट, बाधा या किसी अदृश्य पीड़ा से मुक्ति चाहते हैं, उन्हें अपने ऊपर से सूखा नारियल तीन बार उतारकर हवन कुंड में समर्पित करने की अनुशंसा की गई है। यह क्रिया स्वयं को नकारात्मकता से मुक्त कर दिव्यता में प्रवेश कराने का प्रतीक मानी जाती है।
शाम की दिव्य महा आरती
25 नवंबर की शाम को होने वाली महा आरती भक्तों के हृदय को ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगी, जिसे शब्दों में बांधना संभव नहीं। प्रज्वलित दीपों की ज्योति, गूँजते मंत्र, घण्टों की ध्वनि और भक्तिपूर्ण स्वर—सब मिलकर ऐसा वातावरण रचेंगे मानो स्वयं भगवान शिव और नागराज वासुकीनाथ वहाँ विराजमान हों।
शिव शक्ति वासुकी धाम परिवार की ओर से सभी भक्तों को सादर, भक्तिपूर्ण एवं आत्मीय आमंत्रण। आइए, इस दिव्य क्षण का हिस्सा बनकर अपनी आत्मा को आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करें।