प्राणी मात्र की सेवा विशेष कर पुरूषार्थ की भावना से की गई गौसेवा से ही परमसुख मिलता है – विनोद श्रीश्री माल

जावरा (अभय सुराणा) । यदि हमे परमसुख प्राप्त करना है तो भौतिक चकाचौंध की आपा धापी एवं आडम्बर भरे दिखावे से दूर रह कर पुरूषार्थ की भावना से प्राणी मात्र की सेवा का संकृल्प लेना होगा तभी हम परमसुख की प्राप्ति कर सकते हैं।
उक्त विचार जैन समाज के प्रमुख समाज सेवी एवं जैन सौश्यल ग्रुप सीनियर सिटीजन के वरिष्ठ सदस्य विनोद कुमार जी श्री श्रीमाल ने अपने पिता स्वर्गीय श्री मोहनलाल जी श्री श्रीमाल की स्मृति में व अपनी वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जीवदया सोसायटी पर गायो को हरी धास आदि का स्वामी वात्सल्य करा कर, गौसेवा का पुण्य लाभ लेते हुए व्यक्त किये।
इस अवसर पर लाभार्थी विनोद श्री श्रीमाल का मोतियों की माला एवं दुपट्टे से बहुमान ग्रुप की और से वरिष्ठ मार्गदर्शक सुजानमल कोचट्टा, अध्यक्ष नवनित श्रीमाल, उपाध्यक्ष क्रमशः महावीर डांगी,पारस छाजेड़, सुशील जैन सचिव अशोक ओरा, कोषाध्यक्ष जवाहरलाल श्रीमाल, अशोक चोपड़ा, दिलीप पारख, सुशील मेहता, विरेन्द्र विनाक्या, श्रेणीक चोहान, विमल सिसोदिया , दिलीप चण्डालिया, राजकुमार पीपाड़ा, पारसमलओरा,,, कनेश मेहता, प्रकाश कोठारी, राजेन्द्र कोचर, अशोक डुंगरवाल, आदि जैन सौश्यल ग्रुप सीनियर सिटीजन के सभी पदाधिकारीयों एवं कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्यों ने आत्मिय स्वागत किया । उक्त जानकारी ग्रुप के मिडीया प्रभारी सदस्य पत्रकार पारसमल छाजेड ने दी।