जीवदया श्रावक का नैतिक कर्तव्य है और जैन कुल में इसे सर्वोच्च धर्म माना गया है

जावरा (अभय सुराणा) । जेएसजी सेंट्रल सामाजिक प्रकल्प के साथ जीवदया के क्षेत्र में भी कार्य कर रही है और जैन धर्म मे श्रावक के कर्तव्य में भी इसका उल्लेख है और प्रत्येक व्यक्ति को मुक पशु पक्षी की सेवा के लिए सदैव ततपर रहना चाहिए उक्त विचार अध्य्क्ष संजय सुराणा ने जीव आहार योजना के अवसर पर व्यक्त किए। योजना की जानकारी देते हुए अध्य्क्ष संजय सुराणा ने बताया कि जीव आहार योजना प्रत्येक माह की जा रही है जिसमे पशु पक्षियों की सेवा के लिए कार्य करते हुए हम जीवो के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे है और नवम्बर माह के लाभार्थी स्वर्गीय श्रीमतीं सुशीलादेवी जी दासोत की पुण्य स्मृति में श्रीमान संजय दासोत परिवार द्वारा गोशाला में गायों को आहार करवाया व पशु पक्षियों के लिए दाना पानी । इसीके साथ इस अवसर पर संजय सुराणा अध्यक्ष ,संजय आचलिया नवकार पूर्व अध्यक्ष, अशोक मेहता ,शेखर नाहर ,ललित जैन ,सुरेंद्र कोलन, सौरभ मेहता ,नरेश मारवाड़ी, ,सौरभ दुगढ, रोहित चोरडिया, प्रतीक डूंगरवाल, आदर्श दख. अक्षत हिंगड़, रीना हिंगड़ सुहानी भंडारी हंसा सुराणा आदी सदस्य उपस्थित थे। संचालन जीव आहार सयोंजक रोहित चोरडिया ने किया उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी राजेश हिंगड़ ने प्रदान की।