आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी प्रयाग शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज संसघ का भव्य आती मंगल प्रवेश 07 दिसंबर को

किशनगढ़ । किशनगढ़ राजस्थान में श्रमण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी प्रयाग शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज संसघ का भव्य आती मंगल प्रवेश अब खुलेगा राजस्थान के किशनगढ़ का भाग्य, जब स्वयं दस्तक देगा। यह सदी का सबसे बड़ा सौभाग्य है ।श्री विशुद्धकुल तिलक श्रुतसंवेगी महाश्रमण श्री 108 आदित्यसागर जी महामुनिराज ससंघ का 07 दिसंबर रविवार 2025 को किशनगढ़ की धर्म भूमि पर भव्यातिभव्य मंगल प्रवेश होगा ।
राजस्थान की मरुभूमि पर बह रहा है, वात्सल्य का महासागर,
भक्त उन्हें भगवान कहते हैं, नाम है मुनिश्रीआदित्यसागर।
आचार्य शान्तिसागर स्मारक से प्रात: 7 बजे होगा मुनिसंघ का मंगल विहार, श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर इंद्रा नगर में प्रात: 7.15 बजे होगी भव्यतिभव्य मंगल अगवानी। पश्चात : 8 बजे से होगा जुलुस प्रारम्भ होगा जो की श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर इंद्रा नगर मुख्य मार्ग होते हुये,पुरानी मिल से सिटी रोड़ श्री आदिनाथ जैन मंदिर, श्री चंद्रप्रभु मंदिर, श्री मुनिसुव्रतनाथ मंदिर,मैन चौराहा होते हुये, आर.के. पुरम कम्युनिटी सेंटर पहुंचेगा वहां होगी यति राज मुनि श्री श्रुत संवेगी आदित्य सागर जी की मंगल देशना जहाँ होगा नमोस्तु शासन जयवंत हो गुंजायमान।
आयोजक श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत तथा सकल दिगम्बर जैन समाज, मदनगंज-किशनगढ़ (राज) ने समाजजनो से आग्रह किया है मुनिसंघ का मंगल विहार में समिल्लित होकर धर्मलाभ लेवे।

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