मानव अधिकार दिवस मनाया

मानव अधिकार दिवस की थीम हमारी रोजमर्रा की जरूरत

रतलाम। एकीकृत शासकीय नित्यानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धोसवास में शासन के आदेशानुसार आज भारत स्काउट गाइड के छात्राओं द्वारा मानव अधिकार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गाइडर एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक श्रीमती ललिता कदम में सभी छात्रों को रोजमर्रा की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हर मनुष्य के रोजमर्रा की जरूरत खाना कपड़े और मकान है और यह जरूरी है और हमें जो मानव अधिकार मिले हैं उसका उपयोग हम सभी करे।
श्री मति ललिता कदम ने बताया कि10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाया गया था इस दिन को अब हर साल मानव अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है प्रत्येक व्यक्ति को विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है सभी मनुष्य को बिना किसी भेदभाव के अपने अधिकारों प्राप्त करने का अधिकार है रंग जाति या भाषा के राष्ट्रीय मूल विकलांगता में कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है आज के दिन हम मानव अधिकारों का उत्सव दिवस मनाते हैं अनुच्छेद 21 में कहां गया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अलावा उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा अर्थात प्रत्येक व्यक्ति को जीने का अधिकार है। आर्टिकल 21 में 4 अगस्त 2009 को पारित भारतीय संसद का एक अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 एक के तहत भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
इस अवसर पर भारत स्काउट गाइड की एवं शिक्षिका तरन्नुम अब्बास में मानव अधिकार के 6 अधिकार के बारे में छात्राओं को बताया कि हमें छह अधिकार संविधान के द्वारा दिए गए हैं जिनके हम उपयोग कर अपना जीवन जी रहे हैं इस अवसर पर छात्राओं ने भी मानव अधिकार के प्रश्नों के उत्तर दिए एवं अधिकार के महत्व को समझा गाइड छात्राओं में रवीना ऋषिका माही मधु वंशिका पायल हर्षिता संध्या वंशिका आराधना राधिका एवं समस्त विद्यालय परिवार के छात्र छात्रा उपस्थित।
कार्यक्रम का संचालन गाइड की छात्रा हर्षिता ने किया और आभार पायल ने माना।