ऐतिहासिक गुलाब चक्कर में सजी यादगार महफ़िल-ए-ग़ज़ल

रतलाम 14 दिसंबर। स्वर सिद्धि म्यूज़िकल ग्रुप के तत्वावधान में ऐतिहासिक गुलाब चक्कर परिसर में खचाखच भरे दर्शकों की उपस्थिति में महफ़िल-ए-ग़ज़ल का भव्य एवं यादगार आयोजन किया गया। सुर, साज़ और शायरी से सजी इस संगीतमय संध्या ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम को सुनने के लिए शहर से बाहर के दर्शक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की लोकप्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर कला एवं संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. वर्षा करंदीकर, श्रीमती सुनीता पाठक, श्री आनंद त्रिलोकचंदानी एवं श्री सज्जनलाल ब्रह्मभट को स्वर सिद्धि सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें श्रीफल, माला, अभिनंदन पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के प्रायोजक एवं संयोजक भुवनेश पंडित, आनंद त्रिलोकचंदानी, सूरज बारवाल एवं सुनील निरंजनी रहे।
महफ़िल में ग़ज़ल फ़नकार भुवनेश पंडित, आनंद सेठ, सूरज बारवाल, सुनील निरंजनी, कैलाश यादव, श्रीमती सुनीता नागदे, डॉ. महेश मौर्य, राकेश बोरिया एवं जलज शर्मा ने एक से बढ़कर एक ग़ज़लों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं से भरपूर वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम का सजीव एवं प्रभावशाली मंच संचालन सुनील निरंजनी ने किया, जबकि राकेश बोरिया ने संपूर्ण तकनीकी पक्ष को कुशलतापूर्वक संचालित किया। इस अवसर पर पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ श्री रमेश सोनी का सम्मान किया गया, वहीं संगीत साधक विवेक शर्मा का जन्म दिवस भी मंच से हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया।
अंत में आभार प्रदर्शन भुवनेश पंडित द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रायोजक एवं संयोजक भुवनेश पंडित ने दर्शकों का अपार स्नेह देखकर आगामी दिनों में और भी बेहतर एवं भव्य आयोजनों की घोषणा की।