- श्रीमद भागवत कथा में लहराते हुए बड़ी संख्या में निकली नारी शक्ति भगवा और तिरंगा
- स्वर्णिम भारत मंच द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का 31 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक बीमा हॉस्पिटल परिसर गाड़ी अड्डा पर होगा आयोजन




उज्जैन। विघटित समाज को जोड़ कर एक दूसरे के मन में पनप रही जाति गत ईर्ष्या को मिटाने और प्रेम सौहार्द सामाजिक सद्भाव स्थापित करने तथा देश वासियों के मन में जाति धर्म की ऊंच नीच खत्म कर राष्ट्र भावना की अलख जगाने के उद्देश्य से स्वर्णिम भारत मंच द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा एवं सामाजिक सद्भाव सम्मेलन का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ । बड़ी संख्या में विभिन्न अंचल से आई नारी शक्ति ने जात पात की खाई को खत्म करने का संकल्प लेकर उठाई गंगा । श्रीमद भागवत कथा में आरती के पूर्व राष्ट्र गान गया गया । गुरुवार को प्रातः 11 बजे बियाबानी चौराहा से कलश यात्रा प्रारंभ होकर कथा स्थल बीमा पर पहुंची । रास्ते में जगह जगह लोगो ने पुष्प वर्षा की । नारी शक्ति के हाथों में भगवा और तिरंगा देख लोगों को भाव विभोर कर गई।
स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि समाज को जोड़ने और जाति गत नफरतों को मिटाने के लिए स्वर्णिम भारत मंच द्वारा एक अनूठा प्रयास करते हुए पहली बार राष्ट्र ध्वज तले श्रीमद् भागवत कथा एवं सामाजिक सद्भाव सम्मेलन का आयोजन भगवान श्री चिंतामन गणेश की मुख्य यजमानी में दिनांक 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक बीमा हॉस्पिटल परिसर गाड़ी अड्डा चौराहा आगर रोड पर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा जिसका शुभारंभ कलश यात्रा से की गई । श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान भगवान श्री चिंतामन गणेश होंगे । कथा के प्रथम दिन व्यास पर विराजमान मालवा माटी युवा संत पंडित अर्जुन गौतम ने शिव पार्वती और तोते वाली कथा सुनाई । श्री गौतम के मुखारविंद से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे शाम 5 बजे तक धर्म की गंगा बहेगी ।
धर्म जाति सद्भाव से अलख जगी राष्ट्रवाद की
एक ऐसा सौम्य दृश्य जिसमें एक तरफ सनातन धर्म की पताका लहरा रही थी तो दूसरी तरफ भारत की आन बान शान तिरंगा आसमान छू रहा था । क्या दलित तो क्या आदिवासी तो कोई पिछड़ा तो एक तरफ झूम रहा था अगड़ा । आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं में गजब का धर्म की आस्था देखने को मिली । माथे पर आस्था श्रद्धा और राष्ट्र भक्ति जज्बा दिखा । कलश यात्रा प्रभारी अनुपमा श्रीवास्तव ने कहा कि ज्ञानोदय विद्यालय की प्राचार्य संध्या शर्मा, कुरील मेडम, नेहा मालवीय, जीवन सोलंकी का बड़ा योगदान रहा । कलश यात्रा में बड़ी संख्या में नारी शक्ति ने पीली साड़ी सम्मिलित हुई । इस अवसर शशि राज भटनागर, गीता रामी, उर्मिला श्रीवास्तव, अनुपमा श्रीवास्तव, चेतना श्रीवास्तव, रजनी कुलश्रेष्ठ, नेहा श्रीवास्तव, शीतल ठाकुर, रक्षा अष्ठाना, शशि श्रीवास्तव, अनामिका श्रीवास्तव ,आरती यादव, श्वेता श्रीवास्तव, कविता पाल, पिंकी श्रीवास्तव, निशा पंवार , निशा राजावत, वर्षा श्रीवास्तव, रेखा ममता राठौर, शिखा माथुर, पल्लवी भटनागर, दीपिका श्रीवास्तव, पिंकी निगम, अनुराधा निगम , स्वर्णिम श्रीवास्तव, रचना खंडेलवाल, शिखा माथुर, सिलावट , मीरा सिकरवार, सरोज बंसल , खुशी लश्करी, वंदना जैन आदि सम्मिलित हुई ।