- शिव विवाह में भूत बने बाराती, हिमालय ने बेटी पार्वती की विदाई….
- शिव विवाह में भूत पिशाच बारात में आए तो पार्वती की माता दूल्हे शिव
- शिवजी की शादी से शुरू हुआ था स्वरुचि भोज …..

उज्जैन। दामाद को देख बेहोश हो गई पार्वती की माता रुदन करने लगी पार्वती ने समझाया मां मेरे लिए यही सुयोग्यवर है । शिव जी के विवाह के समय ही स्वरुचि भोज की व्यवस्था शुरू हुई थी क्योंकि बारात में जब भूत आए तो उन्हें कोई भोजन परोसने के लिए तैयार नहीं था तब शिवजी ने कहा जिसको जैसा भोजन खाना हो वह भोजन ले ले तब से स्वरचित भोज की व्यवस्था शुरू हुई थी जो अब तक चली आ रही है सुरुचि भोज भूतों का भोजन ।
यह बात सामाजिक सद्भाव सम्मेलन के साथ हो रही श्रीमद भागवत कथा में तीसरे कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ से मालवा माटी के युवा संत पंडित अर्जुन गौतम ने कही। स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि बीमा हॉस्पिटल परिसर गाड़ी अड्डा चौराहा आगर रोड पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में पं. अर्जुन गौतम ने कहा बच्चों को सिखाया दैनिक जीवन में मंत्र कितने जरूरी है प्यास पद से स्वर्ण भारत मांज के तत्वाधान में सामाजिक सद्भाव सम्मेलन के दौरान छोटे-छोटे बच्चों को दैनिक जीवन में उपयोगी 15 मित्रों का ज्ञान दिया गया कहां के दैनिक जीवन में जो इन मित्रों को रोज पड़ता है या जिन्हें यह मंत्र याद है उन्हें किसी भी तरह की तरक्की में बाधा नहीं आती है वह स्वयं ही गुणवान ज्ञानवान और ऐश्वर्या को प्राप्त कर सकता है सनातन धर्म में हमारे मित्रों में इतनी शक्ति है की साधु संत अपने मित्रों के बल से वायु को भी रोक सकते थे परंतु आज के दौर में बच्चे फास्ट फूड खा रहे हैं और टीवी पर कार्टून देख रहे हैं ऐसे में उन्हें राष्ट्र से और धर्म से प्रेम कैसे होगा क्योंकि इन सबको दिखाने वाले विदेशी ताकत हमारे देश में पर प्रसार चुकी है स्वर्णिम भारत मंच के अनूठे इस प्रयास में सामाजिक सद्भाव को जोड़ने के लिए विभिन्न जाति धर्म समुदाय की महिलाएं बच्चे को अन्य नागरिकों को राष्ट्रध्वज तले राष्ट्रगान का गायन भी कराया गया यह अनोखी कथा है जिसमें श्रीमद् भागवत कथा की आरती के पूर्व राष्ट्रगान गया जा रहा है आरती में सम्मिलित होने वाले अतिथियों ने भी बुरी बुरी प्रशंसा करते हुए अनोखे इंसानों आयोजन के लिए बधाई दी है स्वर्णिम भारत मंच के द्वारा प्रतिदिन श्रीमद् भागवत कथा के कथा के साथ में सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने के लिए विश्राम आरती के बाद सैकड़ो परिवारों के साथ एक जाजम पर भोजन करने की व्यवस्था की गई है कई परिवार इसमें प्रतिदिन भोजन कर एक दूसरे के प्रति आत्म भाव रखते हुए आयोजन को सफल बना रहे हैं। कथा में आरती कैलाश नारायण शर्मा, योगेन्द्र व्यास, कैलाश वैद्य, जीवन गुरु, प्रेम शिंदे, मोहन सिंह ठाकुर, कुलदीप धारिया समाजसेवी, राकेश वर्मा प्रदेश अध्यक्ष मांझी समाज, शकेब अख्तर कुरैशी ने की। संचालन अनुपमा श्रीवास्तव ने किया।
स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि समाज को जोड़ने और जाति गत नफरतों को मिटाने के लिए स्वर्णिम भारत मंच द्वारा एक अनूठा प्रयास करते हुए पहली बार राष्ट्र ध्वज तले श्रीमद् भागवत कथा एवं सामाजिक सद्भाव सम्मेलन का आयोजन भगवान श्री चिंतामन गणेश की मुख्य यजमानी में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक बीमा हॉस्पिटल परिसर गाड़ी अड्डा चौराहा आगर रोड पर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है। विघटित समाज को जोड़ कर एक दूसरे के मन में पनप रही जातिगत ईर्ष्या को मिटाने और प्रेम सौहार्द सामाजिक सद्भाव स्थापित करने तथा देश वासियों के मन में जाति धर्म की ऊंच नीच खत्म कर राष्ट्र भावना की अलख जगाने के उद्देश्य से स्वर्णिम भारत मंच द्वारा श्रीमद् भागवत कथा एवं सामाजिक सद्भाव सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। श्री गौतम के मुखारविंद से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे शाम 5 बजे तक धर्म की गंगा बहेगी।
आज कृष्ण जन्म नन्द बाबा के घर उत्सव …..
कथा प्रसंग में आज कृष्ण जन्म के प्रसंग है । आयोजन में लोगों की खासी संख्या आ रही है जिसके चलते हुए बड़ी धूम धाम से कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी । आयोजन समिति की ओर से की गई है । मटकी फोड़ माखन मिश्री बांटी जाएगी ।