तपस्वी गुरुदेव के चरण झुमरी तिलैया कोडरमा की पावन धरती पर पड़े इसी निवेदन को लेकर जैन समाज का धार्मिक जत्था गुरूदेव से विनती करेगा

झुमरीतिलैया । जैन संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी गुरुदेव के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी मुनिमहाराज के चरण झुमरीतिलैया के धरती पर पड़े इसी अनुमोदना को लेकर जैन समाज के अध्यक्ष मंत्री पदाधिकारी सहित 100 सदस्यों का गुरु भक्त धार्मिक जत्था बिहार के औरंगाबाद के लिए आज रात्रि प्रस्थान करेगा।
जैसा कि मालूम हो कि मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी गुरुदेव का जन्म झारखंड हजारीबाग मैं हुआ है पूरे देश में धर्म प्रभावना करके झारखंड में 8 वर्षों के बाद उनका आगमन हो रहा है गुरुदेव प्रमाण सागर जी हजारों किलोमीटर पैदल चलकर महाराष्ट्र राजस्थान मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश बिहार से होते हुए झारखंड मैं जैन धर्म के सर्वोच्च तीर्थ पारसनाथ पहुंचेंगे और इस समय अभी बिहार के औरंगाबाद जिला में विराजमान है गुरु भक्त प्रदीप जैन छाबड़ा पानी टंकी रोड निवासी, राज जैन छाबड़ा ने कहा कि झुमरीतिलैया कोडरमा की धरती का सौभाग्य होगा कि ऐसे परम तपस्वी गुरुदेव के चरण झुमरी तिलैया कोडरमा की पावन धरती पर पड़े इसी निवेदन और प्रार्थना को लेकर जैन समाज का धार्मिक जत्था श्रीफल चढ़ाने के लिए रवाना हो रहे हैं इस समय गुरुदेव मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश आदि शहरों मैं जैन धर्म की प्रभावना विश्व शांति और अहिंसा की प्रभावना करके हजारों किलोमीटर पैदल चलकर बिहार औरंगाबाद पहुंचे हैं निवर्तमान वार्ड पार्षद पिंकी जैन ने कहा जैन संत मुनि श्री प्रमाण सागर जी के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति का कल्याण हो जाता है प्रतिदिन उनके द्वारा शंका समाधान के उपदेश में हजारों लोग उपदेश प्राप्त कर अपना कल्याण कर रहे हैं और धर्म की प्रभावना कर रहे हैं उनके चरण यदि कोडरमा की धर्मनगरी पर पढ़ते हैं और उनका आशीर्वाद और उपदेश शहर को प्राप्त होता है तो यह हम सभी के लिए अहोभाग्य की बात होगी इस धार्मिक जत्था में जैन समाज के पदाधिकारी अध्यक्ष विमल जैन बडज़ात्या मंत्री ललित जैन सेठी,सुरेश जैन झांझरी जयकुमार जैन गंगवाल सुशील जैन छाबड़ा,पीयूष जैन छाबड़ा,राहुल जैन छाबड़ा, जैन महिला समाज की मंत्री आशा जैन गंगवाल,मीरा जैन छाबड़ा, आर्ची जैन,प्रियन्का जैन,रीता जैन सेठी किरण जैन ठोलिया शोभा जैन पंड्या, आदि लोग भी उपस्थित रहेंगे यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा नवीन जैन ने दी ।