जावरा (अभय सुराणा)। नूतन वर्ष के पावन प्रंसग जैन सौश्यल ग्रुप सीनियर सिटीजन जावरा द्वारा श्री मनमोहन पार्श्वनाथ मंदिर में आयोजित श्री सकल जैन समाज के सामुहिक सामायिक समारोह में उपस्थित समाज के श्रावक श्राविकाओ को सम्बोधित करते हुए आचार्य श्री रत्नाकर सुरीश्वर जी के सुशिष्य श्री रत्नतिलक विजय जी महाराज ने सामायिक का महत्व बताते हुए कहा कि सामायिक मतलब ध्यान साधना, आत्मा का परमात्मा से साक्षात्कार मिलन मतलब असंख्य पाप कर्मो बन्धनों का क्षय।
मुनि रत्नतिलक विजय जी ने कहा कि 48 मिनिट की एक सामायिक में मनुष्य पुरी तरह आध्यात्मिक हो जाता है और पुरूषार्थ की भावना प्रबल हो जाती है बस यह पुरूषार्थ की भावना ही मोक्ष मार्ग का रास्ता है।
इस अवसर पर जैन सौश्यल ग्रुप सीनियर सिटीजन के संचालक प्रोफेसर डॉ सुरेश मेहता ने भी सभी को नये वर्ष की मंगलमय शुभकामना देते हुए अपने आध्यात्मिक विचार रखे। ग्रुप के अध्यक्ष नवनित सिंह श्रीमाल ने नूतन वर्ष पर स्वागत उद्बबोधन देते हुए संस्था के उद्देश्य से अवगत कराया। ग्रुप के सचिव अशोक ओरा और कोषाध्यक्ष जवाहरलाल श्री श्रीमाल ने भी उपस्थित श्री सकल जैन समाज के श्रावक श्राविकाओ को नये वर्ष पुरूषार्थ की भावना से कुछ नया करने का आव्हान किया।धर्म सभा का संचालन कार्यक्रम संयोजक महावीर डांगी ने किया। इस अवसर पर राकेश मेहता, पारसमल ओरा, सुशील जैन, अभय कांठेड़,बसन्तीलाल चपडोद, मांगीलाल मोदी ,मनोहरलाल चपडोद, रमेश पटवारी,नगीन सकलेचा , सुभाष तलेरा प्रकाश कोठारी पारसमल छाजेड, दिलीप पारख राजकुमार पीपाड़ा वीरेन्द्र वीनाक्या,दिलीप चण्डालिया व अशोक डुंगरवाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहै।
संयोजक सुजानमल कोचट्टा द्वारा सभी को नूतन वर्ष की शुभकामनाए देते हुए सभी का आभार माना। मुनि श्री रत्नतिलक जी की आध्यात्मिक महामांगलिक के साथ क्रार्यक्रम के अंत में ग्रुप की प्रभावना एवं केसरिया दुध का लाभ उपस्थित सभी भाई बहनों ने लिया।