नए साल का आध्यात्मिक आगाह

जश्न की जगह सेवा को चुना, सोनकर परिवार ने ‘अपना घर आश्रम’ में संजोई खुशियां

रतलाम | 1 जनवरी 2026 जहाँ आज पूरी दुनिया नए साल के स्वागत में आतिशबाजी और जश्न में डूबी है, वहीं रतलाम के सोनकर परिवार ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए, परिवार ने नव वर्ष के प्रथम दिन को ‘अपना घर आश्रम’ के असहाय और निराश्रित ‘प्रभु जी’ (आश्रम के निवासियों) के नाम समर्पित किया।
पुण्यदान से महका आश्रम का आँगन आज गुरुवार को श्रीमती पूजा सोनकर , नितिन सोनकर एवं उनके परिवार के सदस्यों—श्री अथर्व सोनकर, श्री हिम्मत सोलंकी और मूणत मेडिकल के श्री हर्षवर्धन मूणत—ने आश्रम पहुँचकर सेवा का संकल्प लिया। इस अवसर पर परिवार ने न केवल सामग्री भेंट की, बल्कि आश्रम के निवासियों के साथ समय बिताकर आत्मीयता का संचार भी किया। ज़रूरतों का रखा विशेष ध्यान सोनकर परिवार ने अपनी खुशियों के अवसर पर आश्रम की बुनियादी और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता दी।
उनके द्वारा दी गई भेंट में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • स्वास्थ्य सुरक्षा: प्रभु जी के नियमित उपचार के लिए आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां।
  • स्वच्छता प्रबंधन: आश्रम में स्वच्छता और सुगमता के लिए डायपर और अन्य सैनिटरी आइटम।
  • दैनिक उपयोग की सामग्री: निवासियों के रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएं।

बदलाव की बयार: 6 माह में दिखा स्वास्थ्य में बड़ा सुधार

उल्लेखनीय है कि सोनकर परिवार का पिछले छह महीनों में यह दूसरा दौरा था। परिवार के सदस्यों ने बेहद खुशी के साथ साझा किया कि पिछली भेंट की तुलना में इस बार आश्रम के ‘प्रभु जी’ के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति में चमत्कारी सुधार देखने को मिला है।

“आश्रम का सेवाभावी वातावरण और यहाँ रह रहे लोगों के चेहरों पर खिलती मुस्कान यह बताने के लिए काफी है कि यहाँ सेवा और समर्पण का कार्य किस स्तर पर हो रहा है। प्रभु जी को स्वस्थ और प्रसन्न देखकर मन को जो शांति मिली है, वह किसी भी उत्सव से बढ़कर है।” — सोनकर परिवार

प्रेरणा का स्रोत बना ‘अपना घर आश्रम’
आश्रम प्रबंधन ने सोनकर परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए साल के पहले दिन इस तरह का निस्वार्थ सहयोग समाज के अन्य लोगों के लिए एक दिशा-निर्देश है। प्रबंधन के अनुसार, समाज के सक्षम परिवारों का जुड़ाव ही इन निराश्रित लोगों के जीवन में नई आशा की किरण जगाता है।