पहले दिन ही बच्चो ने जवाब देकर सफल बनाया



रतलाम। सरस्वती साधना रिसर्च फाउंडेशन मुंबई के तीन दिवसीय सरस्वती साधना शिविर में पहले दिन ही 11 से 15 वर्ष के 160 बच्चों ने भाग लेकर तीन घंटे( सुबह 9 से 12 बजे ) मे स्मरण शक्ति, संस्कार,एकाग्रता व ध्वनि साधना की कला को सिखा। साथ ही लगभग सभी बच्चों ने आंखों पर काली पट्टी बांध कर तिसरी आंखों से सही उत्तर देकर चमत्कार कर दिया। वर्धमान तपोनिधि पूज्य आचार्य श्री नयचन्द्रसागर सुरीश्वरजी म सा, सहस्त्रावधानी गणीवर्य डॉ अजितचन्द्र सागरजी महाराज, पूज्य साध्वीजी अमिपूर्णाश्रीजी म सा,अमिदर्शाश्रीजी म सा कि निश्रा मे मोहन टाकीज़ मे शिविर का शुभारंभ समाजसेवी अनोखीलालजी कटारिया,शिविर लाभार्थी सुरेशजी भंडारी,द्वारा दिप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजक श्री देवसुर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय व श्री ऋषभदेवजी केसरीमलजी जैन श्वेताम्बर पेढ़ी के अध्यक्ष व ट्रस्टी गणो ने अतिथियों का बहुमान किया। स्वागत उद्बबोधन श्रीसंघ अध्यक्ष अशोक जैन चौटाला ने दिया ।
साधना शिविर मे मुंबई से आए विशेषज्ञ शिक्षक व डॉ अजितचन्द्र सागरजी म सा द्वारा बच्चो को सरस्वती साधना का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री अनोखीलालजी कटारिया ने कहा कि तिन दिवसीय शिविर मे बच्चे जो कला सिखेगे वह भविष्य मे उनकी जायदाद हो जायेगी और उनका जीवन सुंदर बनेगा।
इस अवसर पर पेढ़ी अध्यक्ष राजेन्द्र खाबीया, पूर्व संघ अध्यक्ष अभय लुनिया,विनोद मुणत, सचिव राजेश सुराना, कोषाध्यक्ष पियुष भटेवरा, ट्रस्टी अशोक भाणावत, नरेन्द्र छाजेड़, ललीत पोरवाड़,अभय पोरवाड़, गणतंत्र मेहता,अभय लुनावत, पारस भंडारी,राजेश जैन गुरुजी के साथ शिविर संचालन कार्यकर्ता उपस्थित रहे। दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक 6 से 10 वर्ष के 102 बच्चों का शिविर रहा।