मुमुक्षु बहन नेहा की दिक्षा ने बड़ी सादड़ी में रचा इतिहास, जग में चमके जैन दिवाकर के नारो से गुंजा आकाश

जावरा (अभय सुराणा) । जावरा मध्यप्रदेश के निमच से लगे राजस्थान की धर्म नगरी बड़ी सादड़ी अखिल भारतीय श्रमण संघीय एकता के अग्रदूत प्रसिद्ध वक्ता जगतवल्लभ जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज की आस्था का केन्द्र ,आज उस समय जग में चमके जैन दिवाकर के गगन भेदी नारों से गूंजायमान हो गया जब अजैन समाज की मुमुक्षु बहन नेहा ने संसार के सुखों को छोड़कर भगवान महावीर के श्वेत चोले को धारण कर जैन भगवती दिक्षा अंगीकार करली और कुमारी नेहा से साध्वी धृशा प्रभा बन गई। बड़ी सादड़ी में यू तो 140 जैन दिक्षाए पहले हो चुकी है किन्तु आज इस 141 वीं दिक्षा में पहली बार जैन दिवाकर भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा जिधर देखो उधर से जग में चमके जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज के गगन भेदी जयकारों से आकाश गूंज रहा था।
श्रमण संघ के चमकते सितारे जैन दिवाकर जी की छाया उनके सुशिष्य आगम मनिषी छोटे जैन दिवाकर श्री धरममुनि जी महाराज के सुशिष्य श्री चिराग मुनि जी और चंद्रेश मुनि जी ने आज कुछ ऐसा किया कि बड़ी सादड़ी बन गया साक्षात दिवाकर धाम दिक्षा के पुर्व अपने सांसारिक वेश में अपना अंतिम उद्बबोधन देते हुए मुमुक्षु बहन नेहा ने अपने माता-पिता भाई-बहन सभी से मिच्छामि दुक्कडम करते हुए आध्यात्म व जीवन को सार्थक बनाने का संकृल्प लिया। बहुत कम उम्र में ही मुमुक्षु बहन नेहा ने संसार को त्यागने का निर्णय लिया। तब दोनों संत श्री चिराग मुनि व श्री चन्द्रेश मुनि ने मुमुक्षु बहन नेहा को विधि विधान से दिक्षा का पाठ पढ़ाया व रजोहरण प्रदान कर दिक्षा दी।
इस अवसर हरियाणा सिंहनी श्री छोटे जैन दिवाकर की आज्ञा अनुगामिनी श्री धैर्य प्रभा जी महासती कि शिक्षा दिक्षा से पारंगत उनकी सुशिष्या के रूप में नव दिक्षित साध्वी धृशा प्रभा जी ने वन्दना कर श्री अर्पण प्रभा जी सभी सतियो व हर श्रावक श्राविकाओ का मन मोह लिया धर्म शिष्या की शिक्षा दिक्षा का स्वरूप।
दीक्षा के पूर्व मुमुक्षु बहन नेहा का विशाल वर्षीदान वरघोडा सादड़ी के प्रमुख मार्गों से निकला जिसमें हजारों की संख्या में सकल जैन समाज के श्रावक श्राविकाओ के साथ अन्य समाज वर्ग के लोगों ने भी बडी संख्या भगवान महावीर व जग में चमके जैन दिवाकर के गगन भेदी जयकारों से अपनी अटूट आस्था व्यक्त कर रहे थे। मुमुक्षु बहन नेहा सुसज्जित बग्घी में अप्सरा जैसी लग रही थी तथा दोनों हाथों से सम्पुर्ण मार्ग में रूपए पैसे सोना चांदी के आभूषण ,सिक्के आदि लूटा रही थी वर्षिदान कर रही थी क्योंकि आज के बाद व संसार के आडम्बर से दूर मोक्ष मार्ग को आत्मसात करने जा रही थी। विशाल वर्षिदान वरधोडे में मुमुक्षु बहन नेहा के माता-पिता श्रीमती मनोरमा देवी राजेन्द्र कुमार जी तंवर व परिवार के साथ साथ मुमुक्षु बहन नेहा के धर्म के माता-पिता बैंगलुरू निवासी श्रीमती सुमन देवी जिनेन्द्र कुमार जी नागोता,उत्सव नागोता परिवार भी एक सुसज्जित बग्घी में बडी सादड़ी के जन जन का अभिवादन कर रहे थे जिन्होंने मुमुक्षु बहन नेहा के 10 दिवसीय दिक्षा कार्यक्रम में होने वाले समस्त व्यय का लाभ लिया जिस पर वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ बड़ी सादड़ी ने मुमुक्षु बहन नेहा के सम्पूर्ण परिवार व नागोता परिवार व चौधरी परिवार के श्री मती चन्दन बाला हेमांशु चोधरी हंसा ज्योति आदि का मोतियों की माला शाल श्रीफल से गरिमामय बहुमान किया। मुमुक्षु बहन नेहा के एतिहासिक दिक्षा समारोह देश भर के सैकड़ों शहर व गांव के पांच हजार से भी अधिक श्रावक श्राविकाओ ने श्रध्दा के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर मुमुक्षु बहन नेहा के संयम जीवन दिक्षा के साक्षी बने। शासन के मंत्री प्रशासनिक अधिकारी भगवती दिक्षा के साक्षी बने।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आईं एम सेठिया, पुर्व विधायक अशोक नवलखा निम्बाहैडा, पुर्व कार्यकारी अध्यक्ष सुनील लाला बम, कोषाध्यक्ष संतोष चोपड़ा निमच,जैन दिवाकर के अन्यय भक्त महैन्द बोथरा रतलाम, संगठन मंत्री सिध्दराज संधवी, वरिष्ठ मार्गदर्शक सुजानमल कोचट्टा जावरा , कमलेश ढेलावत निम्बाहैडा ,अभय मण्डलेचा जावरा पारसमल ढेलावत,पंकज मुरडीया मन्दसौर, आदि। अनेक श्री संधो के आए प्रतिनिधियों का बड़ी सादड़ी श्री संध ने मोतियों की माला व दुपट्टा पहनाकर बहुमान किया।
उल्लेखनीय है कि नगरपालिका स्टेडियम में स्थापित लगभग दौसो वर्ष पुराना विशाल बरगद का वटवृक्ष जिसकी छाव में जैन समाज की 141 दिक्षाए हों चुकी है उस वटवृक्ष के चारों और एक नवनिर्मित चबुतरे का उद्धघाटन भी जैन दिवाकर संगठन समिति के अध्यक्ष आईं एम सेठिया व महैन्द बोथरा, आल इंडिया जैन कांन्फ्रेंस दिल्ली के संगठन मंत्री कमलेश ढेलावत निम्बाहैडा आदि अतिथियों ने किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का सुव्यवस्थित आयोजन संचालन श्री वर्धमान स्थानक वासी जैन श्रावक संघ, महिला मण्डल,बहु मण्डल, युवा मण्डल, बालिका मण्डल व बड़ी सादड़ी के की जैन समाज व अन्य समाज की सभी संस्थाओं ने तन मन धन से सहयोग दिया जिसकी सराहना सर्वत्र रही।एवं दिक्षा समारोह का संचालन आल इंडिया जैन कांन्फ्रेंस दिल्ली व जैन दिवाकर संगठन समित जिनेश्वर जैन इन्दौर ने किया ।
व महामांगलिक के बाद आभार सादड़ी श्री संध के अध्यक्ष दिलीप कुमार दक महामंत्री सांवरमल गांग व कोषाध्यक्ष विशाल पितलिया ने माना।