

रतलाम। बसंत पंचमी मुख्य रूप से विद्या, बुद्धि और कल की देवी माता सरस्वती के अवतरण दिवस के रूप में मनाई जाती है। माघ शुक्ल की पंचमी तिथि के दिन वसंत ऋतु का आगमन ज्ञान का उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह बात श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी में वसंत उत्सव के दौरान शिक्षिकाओं ने बच्चों से कहीं उन्होंने कहा कि इस दिन छात्र और शिक्षा से जुड़े लोग पुस्तकों, कलम और वाद्य यंत्रों की पूजा करते हैं और छोटे बच्चों की शिक्षा की शुरुआत (अक्षर लेखन) के लिए यह दिन शुभ माना जाता है इस दिन पीले वस्त्र पहनना, पीले पकवान बनाना साथ ही भगवान विष्णु व मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इस दिन वसंत ऋतु जिसे ऋतुराज कहते हैं की शुरुआत होती है साथ ही साथ बसंत पंचमी के दिन रतलाम राज्य की स्थापना भी हुई थी कार्यक्रम के प्रारंभ में बच्चों ने मां सरस्वती की आराधना वर दे वीणा वादिनी वर दे वर दे… प्रस्तुत की वह मां सरस्वती की पूजा अर्चना की तथा अंत में आरती की गई। इस दौरान विद्यार्थी व शिक्षक मौजूद थे यह जानकारी प्राचार्य डॉ रेखा शास्त्री ने दी ।