- “क्रोध से बचने के लिए अपने मन से लड़ना पड़ेगा” – मेघराज जैन
- “सजा का उद्देश्य बदला नहीं, बल्कि सुधार है” – राजकुमार हरण

जावरा (अभय सुराणा ) अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन द्वारा जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण के नेतृत्व में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर से एक दिन पूर्व उपजेल जावरा में निरुद्ध बंदियों के लिए एक सुधारोन्मुख, प्रेरणादायक एवं मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को उनके मानवाधिकारों, कानूनी अधिकारों एवं संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मचिंतन, पश्चाताप एवं सुधार की दिशा में प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सदस्य माननीय मेघराज जैन, विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी पवन पाटनी तथा अध्यक्षता सीएसपी जावरा युवराज सिंह चौहान द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध भजन गायिका प्रियंका सुराणा के सुमधुर राष्ट्रीय गीत से हुआ। इसके पश्चात प्रतिभा अभय मंडलेचा ने कर्णप्रिय राष्ट्रगीत की प्रस्तुति देकर माहौल को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। स्वागत उद्बोधन में जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण ने संगठन की गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि “इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैदियों में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता, मानवता के मूल्यों का विकास तथा सकारात्मक जीवन दृष्टि को प्रोत्साहित करना है।”
कैदियों से संवाद – तालियों से गूंजा सभागार कैदियों से संवाद करते हुए हरण ने कहा— “आपके परिजन एक नए जीवन की राह पर आपके कदमों का इंतजार कर रहे हैं।आज लिया गया संकल्प आपका भविष्य बदल सकता है।”
उनके प्रेरक विचारों पर कैदियों ने कई बार जोरदार तालियों से अपनी सहमति प्रकट की, जिससे पूरा वातावरण अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायक बन गया। अपने मुख्य वक्तव्य में हरण ने कहा— “सजा का उद्देश्य बदला नहीं, बल्कि सुधार है। हर व्यक्ति के भीतर एक अच्छा नागरिक बनने की क्षमता होती है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और आत्मचिंतन की होती है।” उन्होंने संविधान, मानवाधिकार, निशुल्क विधिक सहायता एवं समाज में पुनर्वास पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अतिथियों के प्रेरक विचार समाजसेवी पवन पाटनी ने कहा—
“यदि कैदी भाई नकारात्मकता के बीच भी सकारात्मक सोच का संकल्प ले लें, तो निश्चित रूप से उनका जीवन बदला जा सकता है।”
अध्यक्षीय उद्बोधन में सीएसपी युवराज सिंह चौहान ने कहा कि—
“प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण हम चाहकर भी आप लोगों के बीच कम आ पाते हैं, लेकिन आप सभी का सुधार ही समाज की असली सुरक्षा है।”
उन्होंने विधिक सहायता, स्वास्थ्य एवं योग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि मेघराज जैन ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा— “क्रोध से बचने के लिए आपको अपने मन से लड़ना पड़ेगा। जब मन शांत होगा, तभी जीवन में कुछ नया और अच्छा कर पाएंगे।”
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बंधियों में बुजुर्गों की अपेक्षा युवाओं की संख्या अधिक होना समाज के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने प्रतिदिन ध्यान, प्रार्थना एवं ईष्ट स्मरण की सलाह दी।संगठन द्वारा सभी अतिथियों का मोतियों की माला, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में संगठन की ओर से प्रदेश मंत्री शेखर नाहर, संभागीय अध्यक्ष सुरेंद्र सुराणा कंवरसा, जिला संगठन मंत्री आशीष सकलेचा, जिला मीडिया प्रभारी प्रतीक लोढ़ा, पिपलौदा नगर अध्यक्ष एजाजुद्दीन शेख, कोषाध्यक्ष अनिल श्रीश्रीमाल प्रियंका सुराणा सहित अनेक पदाधिकारी मंचासीन रहे। इसके अलावा अभय मंडलेचा, देवेन्द्र धाड़ीवाल, भावेश हरण, अंकित हरण, प्रतिभा मंडलेचा, प्रिया हरण, सोनल पगारिया, बेबी अनिष्का सुराणा सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। जेल प्रशासन की ओर से देवेन्द्र सिंह का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन “हिन्दू शेर नीलेश सुराणा” ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ उपाध्यक्ष कनकमल चोरड़िया ने किया। अंत में राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।