उम्र की थकान को सीनियर सिटीजंस ने दी मात, बोले- किसने कहा हम बूढ़े हैं

रतलाम ।सीनियर सिटीजंस के चेहरे पर दिखा उत्साह, वृद्धाश्रम नहीं ये आनंद घर है। उम्र 83 साल, नाम रामनारायण ,उम्र 82 वर्ष नाम राजकुंवर सिसोदिया उनके चेहरे पर गणतंत्र दिवस को आनंद के भाव थे। उम्र का एक पड़ाव बीत जाने के बाद भी उन्होंने बच्चों की तरह मुंह में चम्मच दबाकर, उसमें नींबू रखकर दौड़ लगाई। यह नजारा था बिरियाखेड़ी स्थित वृद्ध आश्रम का। आनंद विभाग की जिला समन्वयक सीमा अग्निहोत्री ने बताया कि आनंद उत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें सीनियर सिटीजंस के हिसाब से पुरातन खेल डिजाइन किए। जिनमें शामिल होकर उन्होंने अपना बचपन याद किया।
सबसे पहले गुब्बारे फुलाने की प्रतियोगिता हुई जिसमें कम समय में बड़ा गुब्बारा फुलाकर सभी आनंदित हुए। इसके पश्चात आनंदक मधु परिहार ने चम्मच रेस करवाई। इसमें सीनियर सिटीजन बढ़ती हुई उम्र में थके हुए नजर नहीं आए। आनंदक सुरेंद्र अग्निहोत्री के द्वारा कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें वृद्धजनों ने बच्चों की तरह किसी के कुर्सी के बीच में से निकलने पर विरोध किया तो किसी के धीरे धीरे चलने पर एतराज किया। आश्रम की केयर टेकर गायत्री बाई ने सभी को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। चेयर रेस के कड़े मुकाबले में ये रहे विजेता
प्रथम_ सुमन श्रीवास्तव 53
द्वितीय- संजय शर्मा 62
तृतीय- रामनारायण 83
वृद्धाश्रम में हुई रस्सा खींच प्रतियोगिता में सबने अपनी टीम के खिलाड़ी चुने फिर महिला पुरुषों ने मिलकर अपने आप को संभालते हुए रस्सा खींचा । सभी लोगों के थकने पर बैठकर खेलने की इच्छा थी और इसलिए शुरू हुई तकिया घुमाना और रुकने पर अपनी कला का प्रदर्शन करना। किसी ने सरस्वती वंदना गई किसी ने सांवरिया जी का भजन और किसी ने हनुमान जी का भजन गया और माली का काम कर चुके वृद्ध ने भारत को हरा भरा रखने और पौधों की उचित देखभाल के नुस्खे बताए।
सीनियर सिटीजंस ने कहा कि किसने कहा वे बूढ़े हो गए हैं ,उनको अब भी मछली जल की रानी वाली कविता याद है । सभी के बीच प्यार और एकता भी देखने लायक थी। जब एक अम्मा का नंबर आया और उन्होंने कुछ भी प्रस्तुत करने से इंकार किया तो दूसरे साथियों ने उनके लिए गीत गाया। रेड क्रॉस चेयरमेन प्रीतेश गादिया की प्रेरणा से हुए उत्सव से प्रफुल्लित डायरेक्टर हेमंत मूणत ने कहा कि ये वृद्धाश्रम नहीं आनंद घर है। आश्रम संचालक कुलदीप सिंह ने राज्य आनंद संस्थान का आभार व्यक्त किया ।

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