प्रतिभाओं को विकसित करने में शिक्षकों का और विद्यालय महत्वपूर्ण योगदान – श्रीमती शर्मा

माध्यमिक विद्यालय खारा खेड़ी में हुआ वार्षिक उत्सव

रतलाम 28 जनवरी । विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र बहुमुखी प्रतिभाओं से संचित रहते हैं उनके सपने और सोचने की क्षमता कम नहीं होती है पढ़ाई के साथ-साथ अन्य हुनर में भी वे अग्रणी हो सकते हैं लेकिन इसके लिए शिक्षकों का भी रचनात्मक होना आवश्यक है प्रतिभाओं को निखारने की जवाबदारी शिक्षकों की है ग्रामीण अंचलों में पालकों के साथ-साथ विद्यालय वातावरण और शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है जो ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है
उक्त विचार शासकीय माध्यमिक विद्यालय खारा खेड़ी में आयोजित वार्षिक उत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सुलोचना शर्मा ने व्यक्त किये । आपने कहा कि प्रतिभा सिर्फ शहर में ही नहीं बसती है गांव भी हमारे अब काफी विकसित हो गए हैं संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रशासन के साथ-साथ शिक्षक भी अपनी दिलचस्पी के अनुसार बच्चों को उपलब्ध करा सकता है संगीत खेल और अन्य क्षेत्र में ग्रामीण प्रतिभाएं अपना हूंनर और निखार सकती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रंगकर्मी पूर्व प्राचार्य ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि मैं प्रसन्न हु कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे कितने प्रतिभावान हैं नृत्य गीत गायन और अन्य गतिविधियां बच्चों में उत्कृष्ट संस्कार विकसित करते हैं । हमें इनके अंदर झांकना होगा बच्चा के शिक्षित में रुचि रखता है उसी के अनुसार उसे दीक्षित करना होगा तभी हमारी शिक्षा सार्थक होगी विद्यालय परिवार निश्चित तौर पर बधाई का पात्र हैं जिन्होंने अपने बच्चों को इतनी शानदार तरीके से प्रशिक्षित किया हुआ है ।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दिनेश शर्मा शिक्षक सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिभाओं की रफ्तार अभावो से नहीं रुकती है वह अपना स्थान बना ही लेती है बस आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें उचित मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहे प्रतिभाओं को तराशने का काम शिक्षक के हाथ में है सृजनशील शिक्षक हमेशा अपने बच्चों को प्रतिभावान बनाने में अग्रसर रहते हैं बच्चों की प्रतिभाएं बता रही है कि उन्होंने कितनी मेहनत की है ।
आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात सरस्वती वंदना बच्चियों ने नृत्य के साथ प्रस्तुत की। स्वागत उद्बोधन प्रधान अध्यापिका सुश्री ललिता कुशवाहा ने दिया । अतिथियों का स्वागत श्री नरेंद्र सिंह पवार, प्रकाश शुक्ला, सुल्तान सिंह चंद्रावत, मोहम्मद अयाज खिलजी सहित अनेक ग्रामीण जनों ने किया । विद्यार्थियों ने वर्तमान दौर में मोबाइल से प्रभावित जीवन की नाट्य प्रस्तुति बेहद आकर्षक ढंग से प्रस्तुत की जिसे अतिथियों सहित सभी ने खूब सराहा। उक्त नाटक राज्य स्तरीय हेतु चयनित हो चुका है जिसकी लेखिका विद्यालय शिक्षिका ललिता कुशवाहा है । कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र सिंह पवार तथा आभार विद्यालय छात्रों ने व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *