
गर्भवती महिलाओं को प्रव के लिए रेफर करने से पहले चिकित्सा आधारित सेवाएं सुनिश्चित की जाए- कलेक्टर
रतलाम । कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिशु मृत्यु मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सीडीआर एम आई एस सॉफ्टवेयर में सभी शिशु मृत्यु मामलों की प्रविष्टि की जाए, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अध्यक्षता में प्रतिमाह शिशु मृत्यु मामलों के प्रकरणों की जांच की जाए। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए रेफर करने से पहले चिकित्सा आधारित सेवाएं सुनिश्चित की जाए तथा अति आवश्यक होने पर ही प्रसव केंद्रों पर रेफर किया जाए। शहरी क्षेत्र के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रभात रंजन को बैठक से अनुपस्थित रहने पर कारण बताओं नोटिस जारी किया जाए। एक वर्ष से कम आयु के शिशु मृत्यु मामलों और एक वर्ष से 5 वर्ष की आयु के शिशु मृत्यु मामलों की जानकारी पृथक प्रस्तुत की जाए। मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा के दौरान मातृ- मृत्यु के सभा प्रकरणो में नोटिफिकेशन करने एवं मातृ मृत्यु के कारणो की गहन समीक्षा कर मातृ मृत्यु दर कम से करने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं के अनमोल पोर्टल पर कम उपलब्धि प्राप्त करने वाले विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने संबंधी कार्रवाई करने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में गर्भवती महिलाओं के समग्र आईडी संबंधी समस्या हो वहां पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगरीय निकाय एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत से समक्ष मिलकर बीएमओ समस्या का निराकरण करें । कलेक्टर ने कहा कि विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को एक सप्ताह में कार्य पूरा करने के लिए चेतावनी पत्र जारी किया जाए। विकासखंड चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करें तथा आवश्यक होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करें। विकासखंड को सेक्टर आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित रूप से चिकित्सा अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाए तथा कार्य में प्रगति लाई जाए । बी एम ओ का ड्यूटी रोस्टर प्रस्तुत किया जाए । शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती महिलाओं में खून की कमी का मैनेजमेंट किया जाए, कलेक्टर ने कहा कि वह स्वयं शहरी क्षेत्र के संजीवनी क्लीनिक का निरीक्षण करेंगी। कलेक्टर ने मुख्य रूप से शिशु मृत्यु दर , मातृ मृत्यु दर में कमी लाने, प्रधानमंत्री टी बी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत कार्य में प्रगति लाने तथा आयुष्मान वय वंदना योजना अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री रामनिवास बुधौलिया ने बताया कि कुपोषित बच्चों की सूची स्वास्थ्य विभाग को प्रेषित कर दी गई है, बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाना है। डब्लू एच ओ के सर्विलांस ऑफिसर डॉ रितेश बजाज ने नियमित टीकाकरण की चेकलिस्ट कार्य में उपलब्धि शिशुओं में होने वाली बीमारियों उनका सर्विलेंस आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने सभी बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण करने तथा मिजल्स के प्रथम और द्वितीय डोज की शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अगले सप्ताह पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसरे, मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ अनीता मुथा, सिविल सर्जन डॉ एम एस सागर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील, डीपीएम श्रीमती अर्चना राठौर, जिला एम एंड ई अधिकारी सुश्री श्वेता बागड़ी, डीसीएम श्री कमलेश मुवेल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ममता शर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ए पी सिंह, डॉ प्रमोद प्रजापति , डिप्टी मीडिया अधिकारी श्रीमती सरला वर्मा आदि उपस्थित रहे।