परिवारों के नेत्रदान से चार नेत्रहीनों को मिलेगा नया जीवन

रतलाम। नेत्रदान के क्षेत्र में जनजागरूकता एवं सेवा के प्रति समर्पित संस्थाओं के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप रतलाम शहर में दो नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। इन दोनों परोपकारी नेत्रदानों से चार दृष्टिहीन व्यक्तियों को नया जीवन एवं नई रोशनी मिलने की आशा जगी है।
पहला नेत्रदान फ्रीगंज रोड निवासी स्वर्गीय वीरेन्द्र सिंह राठौर (विनीत चैतन्य गुरु) के निधन उपरांत सम्पन्न हुआ। उनके परिजनों हरेंद्र सिंह राठौर, धर्मेंद्र सिंह राठौर, यशदेव सिंह राठौर, अमरेंद्र सिंह राठौर एवं शैलेंद्र सिंह राठौर ने गिरधारी लाल वर्धानी की प्रेरणा से नेत्रदान का पुण्य निर्णय लिया।
दूसरा नेत्रदान सुनारों की गली, चांदनी चौक निवासी स्वर्गीय बसंतीलाल जी धम्माणी की धर्मपत्नी श्रीमती कोमल बाई धम्माणी के निधन उपरांत सम्पन्न हुआ। उनके पुत्र प्रकाशचंद धम्माणी, सुभाषचंद धम्माणी एवं समस्त परिजनों ने रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन प्रितेश गादिया, सीए अभिषेक राका तथा तेरापंथ युवक परिषद के अर्पित बाफना की प्रेरणा से नेत्रदान की सहमति प्रदान की।
नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने जानकारी देते हुए बताया कि परिजनों की सहमति प्राप्त होते ही रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई। उनके मार्गदर्शन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर राजवंत सिंह, विनोद कुशवाह एवं रितेश वसुनिया के सहयोग से नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई।
विशेष उल्लेखनीय है कि दोनों नेत्रदानों के दौरान नेत्र संग्रहण टीम को दिवंगतों के निवास स्थान तक पहुँचाने एवं पुनः मेडिकल कॉलेज पहुँचाने की संपूर्ण व्यवस्था नेत्रम संस्था के सदस्य शलभ अग्रवाल द्वारा अपने निजी वाहन से की गई।
नेत्रदान प्रक्रिया के समय शलभ अग्रवाल, सुशील मीनू माथुर, भगवान ढलवानी, गोपाल राठौड़ (पतरा वाला), शैलेंद्र अग्रवाल, अंकित श्रीमाल, आदित्य पोरवाल, अंकुर कोठारी, अंकित निमजा, हितेश वोरा, पीयूष दख, अर्पित बाफना, हेमंत दख, मितेश ललवानी एवं मयूर गांधी सहित अनेक गणमान्य नागरिक सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नेत्रम संस्था एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा दोनों परोपकारी परिवारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके मानवीय एवं अनुकरणीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही देहदान एवं नेत्रदान की महत्ता को जन-जन तक पहुँचाने हेतु जनजागरूकता अभियान को और अधिक गति देने का संकल्प भी दोहराया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *