- लोक सेवा गारंटी अंतर्गत समय सीमा बाह्य आवेदनों के लिए जिम्मेदारों पर लगेगी पेनल्टी
- समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक मे कलेक्टर ने दिए निर्देश


रतलाम । कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह द्वारा सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक ली गई । बैठक में कलेक्टर ने आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश सी एम एच ओ को दिए । कलेक्टर के सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त पत्रों के समयावधि मे समाधानकारी निराकरण कर जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवायें। बैठक में सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन, एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारी/कर्मचारियों ने कलेक्टर सभाकक्ष में राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन का गायन किया।
कलेक्टर ने बैठक के दौरान विभिन्न विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि विभागीय बैठक के पालन प्रतिवेदन की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। सभी एसडीएम, वन विभाग से समन्वय कर अपने क्षेत्र में पट्टे प्राप्त करने के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें , और पट्टो के संबंध में प्राप्त आवेदनों का निराकरण करें। कलेक्टर ने संकल्प से समाधान कार्यक्रम के अंतर्गत 106 शासकीय योजनाओं के संबंध में आवश्यक प्रचार प्रसार करने नगर पालिका निगम, जिला पंचायत और जिला शहरी विकास प्राधिकरण के माध्यम से आवेदनों को प्राप्त करने और सेवाएं प्रदान करते हुए उनका निराकरण करते हुए ऑनलाइन प्रविष्टि के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के नाम की सूची निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त की जाए और सीईओ जनपद तथा बीएमओ आपस में बैठक करते हुए हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रदान करें, स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान के लिए नोडल अधिकारी का नामांकन किया जाए तथा श्रम विभाग से श्रमिक संवर्ग के हितग्राहियों की नाम की सूची प्राप्त कर श्रमिक संवर्ग के लोगों को आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रदान किये जाए।
समयावधि पत्रों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई करने, नेशनल हाईवे पर अनाधिकृत व्यवसाय के संबंध में ढाबों की लाइन लिस्टिंग करने, कट पॉइंट्स का निर्धारण करने, टोल प्लाजा से संबंधित कर्मचारियों की बैठक आयोजित कर टोल पर रिकवरी रेट का निर्धारण, वहां उपलब्ध मानव संसाधन का उचित उपयोग ,सड़कों के आवश्यक पैच वर्क करने के संबंध में निर्देशित किया। अमृत सागर तालाब, समग्र आईडी बनाने, संबंधी प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद स्थापना के संबंध में दावे और आपत्तियों का समय सीमा में निराकरण किया जाएं और नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं। जनप्रतिनिधियों द्वारा सांसद निधि एवं विधायक निधि से प्राप्त राशि अंतर्गत तकनीकी स्वीकृति में विलंब नहीं किया जाए। प्रशासन गांव की ओर अभियान अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में निराकरण किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि लोक सेवा केंद्र के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों के संबंध में समय सीमा में सेवा प्रदान नहीं करने वाले विभाग प्रमुखों पर पेनल्टी अधिरोपित की जाए। चालान के माध्यम से पेनल्टी जमा नहीं होने की दशा में संबंधित के वेतन से कटौत्रा किया जाए। जिले में शासकीय उचित मूल्य की सभी दुकान खुलना चाहिए । ऐसी शासकीय उचित मूल्य की दुकान ,जो महीने में 10 दिन से कम खुलती है, उनको नोटिस जारी करने और एसडीएम द्वारा इसकी निरंतर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय में भी प्रसूता को डिस्चार्ज के पूर्व जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएं। पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों ने कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर संपूर्ण सुकन्या अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 10 वर्ष से कम आयु की किसी भी बालिका का पोस्ट ऑफिस में सुकन्या संबंधित खाता खुलवाया जा सकता है। इसके लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करने हेतु निर्देशित किया गया। पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों ने बताया कि योजना में 8.2 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर है। आकलन के अनुसार यदि 250 रुपए प्रति माह के मान से कन्या का खाता खुलवाते हैं तो 15 साल में 45000 रुपए मूल जमा होते हैं। इस पर 93647 रुपए का ब्याज प्राप्त होता है, जिसकी कुल परिपक्वता राशि 138642 होती है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय रतलाम मेडिकल कॉलेज रतलाम में पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों के लिए हेल्प डेस्क लगाई जाए तथा इस हेल्पडेस्क में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार कार्ड बनाने, इच्छुक लोगों द्वारा सुकन्या योजना में खाता खुलवाने तथा जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग अंतर्गत किसानों के लिए ई -टोकन व्यवस्था के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था सुचारु करने के निर्देश दिए।