कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली का निरीक्षण किया

बर्थ वेटिंग रूम का उपयोग कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कहा

रतलाम । कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली का रोस्टर निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाए देखी एवं आवश्यक निर्देश दिए । निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गर्भवती माताओं की प्रसव की अनुमानित तिथि के आधार पर महिलाओं को परामर्श प्रदान कर बर्थ वेटिंग रूम में समय पर भर्ती कराया जाए जिससे प्रसव संबंधी खतरों में कमी आ सके तथा प्रसव का उचित प्रबंध करते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी हो। विभाग की सब इंजीनियर कामिनी देवड़ा में बताया कि अस्पताल में ऊपरी तल पर बी एम ओ ऑफिस और लेबोरेटरी आदि के लिए निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि मरीज की जांच हेतु सैंपल कलेक्शन ग्राउंड फ्लोर पर ही लिए जाएं और निर्माण कार्य में प्रगति लाई जाए। उन्होंने दवाईंयां के स्टोर कक्ष के निरीक्षण के दौरान नियर एक्सपायरी दवाईंयां की अच्छी व्यवस्था को गुड प्रैक्टिस मानते हुए सभी केंद्रों पर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश मंडलोई ने बताया कि केंद्र पर चार कर्मचारियों के माध्यम से सफाई कराई जा रही है। कलेक्टर ने सफाई कर्मचारियों के ड्यूटी रोस्टर भी चस्पा करने के निर्देश दिए। डॉक्टर के ड्यूटी रोस्टर अनुसार लगे हुए पाए गए । कलेक्टर ने डॉक्टर ड्यूटी रोस्टर को बड़े रूप में प्रदर्शित करने तथा सीएमएचओ, एसडीएम और एसडीओपी के फोन नंबर भी प्रदर्शित करने को कहा।
कलेक्टर ने टीकाकरण केंद्र में गर्भवती माता एवं शिशुओं के टीकाकरण ड्यू लिस्ट का सूक्ष्म अवलोकन किया और सभी गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं को समस्त प्रकार के टीकाकरण की सूचना एवं परामर्श प्रदान करते हुए कार्य करने को कहा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से विवाह की सही उम्र तथा गर्भधारण की सही उम्र के बारे में परामर्श प्रदान किया जाए। दवाईंयो की सूची का हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में लेवल करने तथा अस्पताल के विभिन्न कक्ष में दी जाने वाली सुविधाओं के लिए कलर कोडेड व्यवस्था करने के निर्देश दिए, जिससे कलर के आधार पर मरीज सेवा प्राप्त कर सके।
निरीक्षण के दौरान लेबोरेटरी में बताया गया कि वर्तमान में 80 प्रकार की जांच स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है, इनमें से 30 प्रकार की जांच कार्ड आधारित और 50 प्रकार की जांच साइंस हाउस के माध्यम से की जा रही है, मरीज को उनकी जांच रिपोर्ट मैसेज के माध्यम से भेजी जा रही है, कलेक्टर ने निर्देशित किया कि मरीज को उनकी जांच रिपोर्ट व्हाट्सएप मैसेज पर भेजी जाए। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत उन्होंने निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों की आभा आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाएं , जिससे अन्य अस्पताल में जाने पर उनकी पूरी चिकित्सीय प्रोफाइल एक नजर में चिकित्सकों को पता लग सके। अस्पताल के प्रसव कक्ष में उपयोग में आ रही ड्रॉ शीट (टेबल पर बिछाने वाला रैकजीन जैसा कपड़ा)को हटवा कर केवल डिस्पोजल ड्रा शीट का उपयोग करने के निर्देश दिए। लेबर रूम के वॉशरूम में भी गर्म पानी का गीजर लगवाने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान भरे जाने वाले पार्टोग्राफ का सूक्ष्म अवलोकन किया, अवलोकन के दौरान पाया गया कि अधिकांश गर्भवती महिलाएं फुल डाइलेटेशन में अस्पताल में भर्ती हो रही है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अस्पताल में उपयोग की जाने वाली टाइल्स एंटी स्किड टाइल्स का उपयोग किया जाए ताकि फिसलने की संभावना न हो। अस्पताल में चद्दर तकिया धूलवाने की उचित व्यवस्था और बर्थ वेटिंग रूम में टी वी लगवाने के लिए निर्देशित किया गया । कलेक्टर ने भर्ती मरीजों से उनको मिलने वाले भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी फीडबैक लिया मरीजों द्वारा संतुष्टि व्यक्त की गई। अस्पताल में अनुपयोगी तथा पुराना सामान नियमानुसार राईट अप करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान उपस्थित लोगों ने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता, अस्पताल के सामने खाली स्थान पर मरीज के बैठने के लिए शेडेड व्यवस्था सोनोग्राफी की सुविधा आदि की मांग रखी, कलेक्टर ने उचित प्रकार से निराकरण के लिए आश्वस्त किया। भ्रमण के समय कलेक्टर कार्यालय के सहायक अधीक्षक श्री अरुण कुमार शर्मा तथा श्री माथुर नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम, आशा कार्यकर्ता उपस्थित थी।

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