रतलाम। विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त उज्जैन के विशेष प्रकरण क्रमांक 05/2023 में माननीय विशेष न्यायाधीश, विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्री संजीव कटारे द्वारा आज दिनांक 19.02.2026 को पारित अपने निर्णय में आरोपीगण श्रीमती नीता जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, जिला रतलाम एवं श्री विजय सिंह शक्तावत, सहायक राजस्व निरीक्षक, नगर पालिका परिषद्, जावरा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में दोषसिद्ध पाते हुऐ 04-04 वर्ष के सश्रम कारावास तथा राशि 1000-1000 रूपए के अर्थदण्ड एवं भादवि की धारा 120बी में 04-04 वर्ष के सश्रम कारावास तथा राशि 1000-1000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी को जेल भेजा गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।
प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन/सहायक निदेशक अभियोजन, जिला रतलाम श्रीमती आशा शाक्यवार के द्वारा बताया गया कि दिनांक 09.03.2021 को आवेदन पवन भावसार ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र इस आशय का प्रस्तुत किया कि उसने उसके दोस्त सुरेश प्रजापत की लायसेंस पर नगर पालिका परिषद्, जावरा में वार्ड क्रमांक 24 बाडाखाल कब्रिस्तान का पेबर ब्लाॅक फ्लोरिंग कार्य का ठेका 3,74,000/- रूपए में वर्क आर्डर क्रमांक 4830 दिनांक 18.01.2017 को उसे मिला था एवं वार्ड क्रमांक 20 बडा मालीपुरा से मोहन सैनी के मकान तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण के कार्य का ठेका 2,76,000/- रूपए में वर्क आर्डर क्रमांक 3959 दिनांक 02.12.2016 को उसे मिला था, इसके अलावा वार्ड क्रमांक 18 कमानी गेड से गुलशन टाकिज तक आरसीसी रोड निर्माण का कार्य का ठेका 13,59,000/- रूपए में वर्क आर्डर क्रमांक 417 दिनांक 24.04.2017 के द्वारा उसे मिला था। उपरोक्त सभी कार्य उसके द्वारा समय पर पूर्ण कर दिये थे। उसकी 1,23,000/- रूपए की एफ.डी.आर. नगर पालिका परिषद् जावरा में जमा है एवं 50,000/- रूपए के बिल स्वीकृत होना शेष है। इसलिए वह अपनी एफडीआर रिलीज कराने एवं उसके फाईनल बिल को स्वीकृति कराने हेतु नीता जैन, सीएमओ जावरा से मिला तो उक्त कार्य करने हेतु सम्पूर्ण राशि का 03 प्रतिशत के हिसाब से 42,000/- रूपए रिश्वत की मांग की।
इस पर निरीक्षक श्री बसन्त श्रीवास्तव, विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन ने रिश्वत की मांग की जाने की पुष्टि हेतु रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वाईस रिकॉर्डर आवेदक को दिया। आरोपी नीता जैन एवं आवेदक पवन भावसार के मध्य हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग आवेदक पवन भावसार से कराई गई। जिसमें आवेदक द्वारा बताया गया कि श्रीमती नीता जैन, सीएमओ मेडम से बात की तो उन्होने कहा मेरा जो बनेगा, मैं शक्तावत बाबू को बता दूंगी, आप जाकर शक्तावत बाबू से बात कर लेना, इसके बाद शक्तावत बाबू से मिला तो उन्होने कहा कि सीएमओ मैडम 2 प्रतिशत के हिसाब से रूपए देने को कहा है और 26,000/- रूपए की रिश्वत की मांग की और आवेदक के अनुरोध पर 20,000/- रूपए में तैयार हुऐ और 15,000/- रूपए लेकर दिनांक 12.03.2021 को बुलाया है बाकी के 5,000/- रूपए काम होने के बाद देने को कहा है।
तत्पश्चात रिश्वत की मांग प्रमाणित पाए जाने पर, विधिवत ट्रैप कार्यवाही दिनांक 12.03.2021 को मुख्य आरोपी नीता जैन एवं सहआरोपी विजय सिंह शक्तावत को नगर पालिका परिषद् जावरा के कार्यालय से आवेदक पवन भावसार से 18,500/- रूपए रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के निरीक्षक बंसत श्रीवास्तव के द्वारा ट्रेप किया गया। आवेदक पवन भावसार ने निरीक्षक बंसत श्रीवास्तव को बताया कि पहले सहआरोपी विजयसिंह शक्तावत ने सीएमओ नीता जैन मैडम के कक्ष में गया वहां से वापिस आकर कहा कि सीएमओ मेडम पूरे 20,000/- रूपए मांग रही है, इस पर आवेदक द्वारा अपने पास से 3,500/- रूपए और कुल 18,500/- रूपए सहआरोपी विजय सिंह शक्तावत को दिए जिसे सहआरोपी द्वारा अपने पहनी पेंट की पीछे बांयी जेब में रख लिए। लोकायुक्त के ट्रेप दल द्वारा ट्रेप किए जाने पर सहआरोपी विजयसिंह शक्तावत के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए जाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया।
निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने विज्ञप्त पंच श्री रामप्रसाद राठौर से कहा कि वे सहआरोपी विजयसिंह शक्तावत से रिश्वत की राशि के बारे में पूछे, तो विज्ञप्त पंच के पूछे जाने पर सहआरोपी विजय सिंह शक्तावत के द्वारा बताया कि उसने आवेदक पवन भावसार से 18,500/- रूपए लेकर अपनी पहनी हुई पेंट की पीछे बांयी जेब में रख लिए है। जिस पर विज्ञप्त पंच रामप्रसाद राठौर ने सहआरोपी विजय सिंह शक्तावत की पहनी हुई पेंट के पीछे बांयी जेब में हाथ डालकर रिश्वत के रूपए निकाले और गिने और इन करेंसी नोटो के नंबरों का मिलान किए जाने पर ये नोट वही नोट पाए गए, जो लोकायुक्त कार्यालय में फिनाफ्थीलीन पावडर लगाकर आवेदक पवन भावसार के पर्स में रखवाए गए थे। सहआरोपी विजय सिंह शक्तावत ने जहां रिश्वत के नोट रखे थे, उसकी पहनी हुई पेंट के पीछे की बांयी जेब रूई के फोये से पौछवाकर सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाए जाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया था। एफ.एस.एल. द्वारा रासायनिक परीक्षण में सहआरोपी की पहनी हुई शर्ट के बांयी जेब के उस स्थान के पोछन के घोल में फिनाफ्थलीन का परीक्षण धनात्मक पाया था।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपीगण के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन द्वारा आरोपीगण मुख्य आरोपी श्रीमती नीता जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, जिला रतलाम एवं श्री विजय सिंह शक्तावत, सहायक राजस्व निरीक्षक, नगर पालिका परिषद्, जावरा के विरुद्ध अभियोग पत्र दिनांक 21.06.2023 को विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अधि.) रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा नीता जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद् जावरा एवं सहआरोपी विजय सिंह शक्तावत, सहायक राजस्व निरीक्षक, नगर पालिका परिषद् जावरा को दोषसिद्ध किया गया।