अमृत महोत्सव अन्तर्गत शहीद दिवस के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर में कार्यक्रम आयोजित

रतलाम । साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद भोपाल के तत्वाधान में पाठक मंच रतलाम इकाई द्वारा अमृत महोत्सव अन्तर्गत शहीद दिवस के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर काटजू नगर में कार्यक्रम आयोजन किया गया । कार्यक्रम के पहले सत्र में मां सरस्वती की वंदना ने पढ़ी गई । तत्पश्चात निबंध प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्रीमती पूनम तिवारी जिला विधि न्यायालय अधिकारी, मुक्य अतिथि भारतीय जीवन बीमा निगम प्रबंधक कवि शैलेन्द्र व्यास तथा गोपाल जी शर्मा एवं विशेष अतिथि के रूप में गायत्री संस्थान के दिनेश जी शर्मा उपस्थित थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य गोपाल जी शर्मा ने की ।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्रीमती पूनम तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में हिंसा का जो दौर चल रहा है इस हिंसा के दौर में अबोधबालक से लेकर बच्चियां एवं बालक तक यौन शोषण तथा उनकी हत्याएं हो रही है उन्हें बचाने के लिए विधि का ज्ञान देना चाहिए ताकि वह डट कर इस अपराध का मुकाबला कर सके आजादी के इस पावन पर्व की वर्षगांठ पर हमें बच्चों को यही शिक्षा देना चाहिए ।
शैलेंद्र व्यास ने अपने आदित्य उद्बोधन में कहा कि आजादी के दीवानों ने अपने बलिदान देकर हमें गुलाबी के अंधेरे से निकालकर आजादी की नई सुबह भी इस सोहर को हम कभी भी नहीं भूल सकते हैं ।
सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य गोपाल शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा है कि आज देश जिस हालात से गुजर रहा है ऐसा लगता है कि हमारे वीर शहीदों के बलिदानों की कीमत को हम भूल चुके हैं हमें उनके बलिदानों को याद रखना चाहिए। श्री शर्मा ने साहित्य अकादमी पाठक मंच को धन्यवाद किया कि उन्होंन ने विद्यालय में आयोजन कर मुझे धन्य कर दिया । इस मौके पर बहन कशिश तिवारी, ने भी अपनी कविता सुनाई । सरस्वती शिसु मंदिर की दीदी सौरभ बादल ने भी काव्य पाठ किया तथा आचार्य उपविद मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अतिथि विद्या प्रतिष्ठान के रतलाम जिला प्रतिनिधि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में विभाग के सह व्यवस्थापक प्रमुख वाफगांवकर जी उपस्थित थे ।
कार्यक्रम में मुकेश सोनी, आजाद भारती , दिनेश बरोट सरवन, जुझार सिंह भाटी, प्रकाश हेमावत, सतीश जोशी, शोभना तिवारी, खुशबू जागंलवा ,अकरम शैरानी आदि ने रचना पाठ करके अमर शहीदों के बलिदानों की गाथा अपने शब्दों में रचना के माध्यम से कहीं तो वही मातृभूमि को अपनी मां का सम्मान देते हुए अपनी कविताओं में मां के बलिदानों की भी बात कहते हुए अपनी देशभक्ति से ओतप्रोत काव्य पाठ करके समा बांधा। अंत में पुरूस्कार पुरूस्कार वितरण भाई-बहनों को किया एवं अतिथियों को पाठक मंच स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए । कार्यक्रम में आभार प्रकाश हेमावत ने किया।

Play sound