रतलाम 01 मार्च। केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट व्यवहार की सभी चीजों में अपडेट हो रहे है, तो व्यवसाय में क्यों नहीं होते। व्यवसाय में नित नई चुनौतियां आती रहती है, इसलिए समय के साथ चले और अपडेट होते रहे। यदि समय के साथ नहीं बदलोगे, तो प्रतिस्पर्धा मंे नहीं रह पाओगे।
यह बात जिला औषधी विक्रेता संघ, रतलाम की द्वितीय साधारण सभा और सम्मान समारोह में म.प्र. केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गौतमचंद धीम ने कही। रविवार को अमृत गार्डन में उनके मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में एमपीसीडीए के संगठन सचिव मनोज अगनानी, सह सचिव अशोक जैन, जनसंपर्क अधिकारी सुरेश चैकसे एवं विशेष आमंत्रित सदस्य गोविन्द पंसारी विशेष अतिथि के रुप में शामिल हुए। एमपीसीडीए अध्यक्ष श्री धींग ने फार्मेसी कौंसिल से जुडी समस्याओं और रतलाम में संगठन के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दवा व्यवसायी संगठन के साथ पूरे सुरक्षित है, लेकिन समस्याओं के निपटने के लिए समय के साथ बदलाव लाना आवश्यक है।
संगठन सचिव श्री अगनानी ने बताया कि कोविड के बाद दवा व्यापार में क्रांति आई है। 2020 तक साढे आठ लाख केमिस्ट थे, जो 2025 में बढकर तेरह लाख से अधिक हो गए है। देश में 475000 करोड का व्यापार वर्ष 2030 तक बढकर 10 लाख करोड तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसी स्थिति में हर व्यापारी दुकान में कम्प्युटर सहित सभी संसाधनों का उपयोग करेगा, तो लाभ में रहेगा। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। आरंभ में स्वागत भाषण संघ के जिला अध्यक्ष जय छजलानी ने दिया। सचिव अजय मेहता ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिला औषधी विक्रेता संघ द्वारा सभी अतिथियों का शाल, श्रीफल और अंग वस्त्र से अभिनंदन किया गया। संचालन दीपक डोशी ने किया। आभार विनय लोढा ने व्यक्त किया।